CBSE OSM : सीबीएसई ऑनस्क्रीन मार्किंग में 20 छात्रों की बदली आंसरशीट, 13000 हाथ से चेक हुईं
सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली के करीब 20 मामले सामने आए हैं। वहीं लगभग 13 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मैन्युअल तरीके से करना पड़ा। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली के करीब 20 मामले सामने आए हैं। वहीं लगभग 13 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मैन्युअल तरीके से करना पड़ा। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि इन 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं में से करीब 68,000 में स्कैनिंग के दौरान गुणवत्ता संबंधी समस्याएं पाई गईं और उन्हें दोबारा स्कैन किया गया। इसके बावजूद 13,000 से कुछ अधिक कॉपियां आवश्यक स्पष्ट गुणवत्ता हासिल नहीं कर सकीं। टीमें कोड और पूरी प्रणाली की जांच कर रही हैं ताकि इसे पूरी तरह सहज और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
छात्रों ने पोर्टल पर अपलोड की गई स्कैन कॉपियों को देखने के बाद इन गड़बड़ियों की ओर ध्यान दिलाया। छात्रों का कहना था कि उन्हें जो उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गईं वे उनकी नहीं थीं। सूत्रों ने कहा कि वेदांत का एक मामला था। वेदांत को उत्तर पुस्तिका मिली और वह यह देखकर हैरान रह गया कि यह उसकी कॉपी नहीं थी। स्कैनिंग में गड़बड़ी हुई थी।
CBSE 12वीं के छात्र 1 जून से री-इवैल्यूएशन करा पाएंगे
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं छात्र अब 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। इस बार 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी स्कैन आंसरशीट के लिए आवेदन किया।
मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए विद्यार्थी को 100 रुपये फीस देनी होगी। जबकि अगर कोई विद्यार्थी अपने उत्तर भी चेक करवाना चाहता है तो उसे प्रति प्रश्न 25 रुपये फीस देनी होगी। इस बार ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) से उपजे विवाद के चलते रीवेल्यूएशन के लिए भी लाखों आवेदन आने के आसार हैं।
कैसे रीवेल्यूएट होंगी कॉपियां
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रीवैल्यूएशन प्रोसेस भी OMS यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से होगा, या फिर मैनुअली। ओएसएम सिस्टम में गड़बड़ियां सामने आने के बाद बोर्ड इन्हें हाथ से लेक कर सकता है।
आपको बता दें कि सीबीएसई ने दो चरणों में 12वीं की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू की थी। पहले चरण में विद्यार्थियों को उनकी आंसरशीट की स्कैन कॉपी दी गई है। अब दूसरे फेज में, उम्मीदवार या तो 'पाई गई कमियों के वेरिफिकेशन' के लिए या फिर 'उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन' के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या हैं नियम, क्या है फीस
- मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए विद्यार्थी को 100 रुपये फीस देनी होगी। जबकि अगर कोई विद्यार्थी अपने उत्तर भी चेक करवाना चाहता है तो उसे प्रति प्रश्न 25 रुपये फीस देनी होगी।
- अगर किसी स्टूडेंट का एक नंबर भी बढ़ता है तो बोर्ड इस प्रक्रिया की पूरी फीस वापस करेगा।
- कॉपी री चेकिंग के बाद नंबर कम भी हो सकते हैं। छात्र अधिक अंकों का हकदार होता है, तो उनके बढ़ाए जाएंगे। अगर किसी गलती को सुधारने के चलते छात्र के नंबर कम होते हैं तो, छात्र के अंक उसी के अनुसार कम कर दिए जाएंगे।
CBSE 12वीं के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कैसे करें
- जिन छात्रों ने स्कैन की हुई आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया था, वे नीचे दिए गए तरीके से री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- CBSE की वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर ‘Post Result Services’ या ‘Verification & Re-evaluation’ सेक्शन खोलें।
- लॉग इन करने के लिए अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड ID डालें।
- केवल वे छात्र जिन्होंने पहले ही अपनी आंसर बुक की फोटोकॉपी या स्कैन की हुई कॉपी प्राप्त कर ली है, वे ही वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।
आवेदन का प्रकार चुनें:
अंकों का वेरिफिकेशन
री-इवैल्यूएशन
वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन दोनों
विषय या विषयों का चयन करें
री-इवैल्यूएशन के मामले में, उन विशिष्ट प्रश्न संख्याओं का चयन करें जिनकी समीक्षा छात्र करवाना चाहते हैं।
- निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। आवेदन पत्र जमा करें। कंफर्मेशन पेज को डाउनलोड करें और सेव करके रख लें।




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