JEE Main में 88 पर्सेंटाइल पाने वाले छात्र का दावा, CBSE सप्लीमेंट्री शीट हुई गायब, 12 नंबर और आते
वेदांत, संजना और हर्षिता के बाद हर्ष चौरसिया नाम के छात्र ने भी सीबीएसई के ओएसएम सिस्टम पर सवाल उठा्ए हैं। हर्ष ने बताया है कि उन्होंने परीक्षा के दौरान सप्लीमेंट्री शीट ली थी लेकिन सीबीएसई से प्राप्त हुई स्कैन आंसरशीट में वो गायब है।

सीबीएसई की ओर से 12वीं कॉपी चेकिंग में इस्तेमाल किए गए ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) मैथड पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। रोजाना छात्र अपनी स्कैन कॉपी में गड़बड़ी की शिकायत कर रहे हैं। वेदांत, संजना और हर्षिता के बाद हर्ष चौरसिया नाम के छात्र ने भी सीबीएसई के ओएसएम सिस्टम पर सवाल उठा्ए हैं। हर्ष ने बताया है कि उन्होंने परीक्षा के दौरान सप्लीमेंट्री शीट ली थी लेकिन सीबीएसई से प्राप्त हुई स्कैन आंसरशीट में वो गायब है। मेन आंसरशीट में उसकी एंट्री है पर वो अटैच नहीं है। अपनी शिकायतों को लेकर हर्ष ने ट्विटर पर एक वीडियो बनाकर पोस्ट किया है और साथ ही सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर ईमेल भेजकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
हर्ष ने अपने एक्स अकाउंट @_harshh__25 पर शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई को टैग करते हुए अपनी समस्या का वीडियो शेयर किया है। हर्ष ने बताया कि उसने 12वीं कक्षा के फिजिक्स के पेपर में एक 8 पेज की सप्लीमेंट्री कॉपी ली थी, लेकिन स्कैन की गई अंतिम 32 पेज की मुख्य शीट के बाद वह अतिरिक्त कॉपी कहीं भी दिखाई नहीं दे रही है। इस गायब कॉपी में उसने 7 नंबर के प्रश्न हल किए थे (जिसमें एक प्रश्न का आधा हिस्सा और एक पूरा प्रश्न शामिल था), लेकिन कॉपी न मिलने के कारण परीक्षक ने इसे 'नॉट अटेम्प्ट' मानकर कोई नंबर नहीं दिया। सप्लीमेंट्री कॉपी के 7 नंबर और गलत चेकिंग के 5 नंबर कटने के कारण उसे फिजिक्स में 100 में से केवल 73 अंक मिले हैं, जबकि उसे कम से कम 85 से ज्यादा अंकों की उम्मीद थी
स्टेप-वाइज मार्किंग नहीं हुई
हर्ष ने अपनी स्कैन कॉपी दिखाते हुए यह भी शिकायत की है कि कई प्रश्नों में उसके द्वारा लिखे गए स्टेप्स बिल्कुल सही थे, लेकिन परीक्षक ने नियमों के अनुसार स्टेप-वाइज नंबर देने के बजाय उन पर सीधे जीरो (शून्य) नंबर डाल दिए। इस गलत और अनुचित चेकिंग की वजह से उसके लगभग 5 नंबर बेवजह काट लिए गए।
हिंदी विषय में भी मनमाने ढंग से नंबर कटे
हर्ष की शिकायत केवल फिजिक्स तक सीमित नहीं है; उसने बताया कि हिंदी में भी उसके 21 नंबर काट लिए गए। उसे हिंदी में 90 से अधिक अंकों की उम्मीद थी, लेकिन उसे केवल 77 अंक दिए गए। स्कैन कॉपी देखने पर उसे पता चला कि हिंदी में भी बिना किसी वजह के नंबर काटे गए हैं
जेईई मेन्स में 88 परसेंटाइल
हर्ष ने बताया कि जेईई मेन्स में उनके 88 परसेंटाइल रहे हैं। बोर्ड के टॉप 5 विषयों में 84 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। उन्होंने बोर्ड से मांग की है कि उनकी गायब हुई सप्लीमेंट्री शीट को ढूंढा जाए और उसके सही उत्तरों के काटे गए नंबरों को दोबारा जोड़ा जाए।




साइन इन