CBSE : अगले साल भी जारी रह सकती है सीबीएसई 12वीं आंसरशीट की डिजिटल चेकिंग, शिक्षा मंत्रालय से मिले संकेत
सीबीएसई को 12वीं कक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग को लेकर भले ही विरोध का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन बोर्ड अगले साल भी इसे जारी रख सकता है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों ने शुक्रवार को यह संकेत दिया है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) को 12वीं कक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) को लेकर भले ही सवालों का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन बोर्ड अगले साल भी इसे जारी रख सकता है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों ने शुक्रवार को यह संकेत दिया है। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने ओएसएम प्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी बचाव किया। कहा कि जो समस्याएं बताई जा रही हैं, वे पूरी परीक्षा प्रक्रिया के कुल दायरे की तुलना में बेहद सीमित हैं। कहा कि इस साल मिली प्रतिक्रिया और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद ही अंतिम फैसला होगा। लेकिन ज्यादा उम्मीद कमियों को दूर कर डिजिटल मूल्यांकन ही जारी रखने की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि अगले साल भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। हां, सीबीएसई पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगा और सुनिश्चित करेगा कि किसी बच्चे को कोई असुविधा न हो। सभी प्रणालियों को लगातार मजबूत और बेहतर बनाया जा रहा है।
एक्सेस बढ़ने से दिक्कत
सीबीएसई पोर्टल पर पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर आ रही तकनीकी दिक्कतों की शिकायतों पर अधिकारी ने माना कि कुछ दिक्कतें हैं। उन्होंने कहा, ‘एक ही समय में करीब 1.5 लाख लोग पोर्टल को एक्सेस कर रहे हैं। इसके कारण परेशानी हो रही है।’ बताया कि इसकी समयसीमा बढ़ा दी गई है।
सोशल मीडिया पर दावे पेश
अधिकारी ने ओएसएम प्रणाली के कथित तौर पर पूरी तरह विफल होने के दावों को खारिज किया। कहा, ‘सोशल मीडिया पर मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। अगर छात्रों को लगता है कि मार्किंग में कोई गड़बड़ी है, तो उन्हें दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन करना चाहिए।’
24 मई तक स्कैन कॉपी हासिल करें
सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने की अंतिम तिथि 24 मई तक के लिए बढ़ा दी है। इससे पूर्व, समय सीमा को 22 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दिया था। इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी की गई। बोर्ड ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सीबीएसई की वेबसाइट पर अभूतपूर्व ट्रैफिक देखा जा रहा है और अनधिकृत हस्तक्षेप के कई प्रयास भी हुए हैं, जिसके कारण वेबसाइट बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
अधिसूचना में कहा गया है कि उत्तर पुस्तिका की स्कैन फोटोकॉपी प्राप्त करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जा रही है, ताकि कोई भी छात्र इस प्रक्रिया से वंचित नहीं रह जाए। सीबीएसई ने कहा कि उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त होने के बाद अंक सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने के लिए दो दिन का समय दिया जाएगा। पता हो कि सीबीएसई ने ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर कुछ छात्रों और अभिभावकों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की थी। सीबीएसई ने इस वर्ष शुल्क संरचना में भी संशोधन किया है। छात्र 700 की बजाय 100 रुपये देकर स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, उत्तर पुस्तिका का सत्यापन शुल्क 500 से घटाकर 100 रुपये कर दिया है। पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न 25 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है।
छात्र-अभिभावक उठा रहे हैं सवाल
पुनर्मूल्यांकन के बाद उत्तर पुस्तिकाएं मिलने पर छात्र और अभिभावक ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। गलत मूल्यांकन, धुंधली स्कैन कॉपी और पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। छात्रों का कहना है कि कई कॉपियां पढ़ने योग्य नहीं हैं और कुछ उत्तरों की जांच भी नहीं हुई। परिणाम घोषित होने के बाद खासतौर पर भौतिकी, गणित, अकाउंटेंसी और अर्थशास्त्र विषयों में कम अंक और विसंगतियों के आरोप बढ़े हैं।
मूल्यांकन प्रक्रिया में अव्यवस्था की निंदा
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए इसकी निंदा की। संगठन ने कहा कि इससे लाखों छात्र चिंता और भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं। पास प्रतिशत में गिरावट, अंकों में विसंगतियां और अच्छे रिकॉर्ड वाले छात्रों को कम अंक मिलने के मामले सामने आए हैं। संगठन का दावा है कि कुछ छात्र जेईई मेन जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा पास करने के बावजूद संबंधित विषयों में फेल हो गए या उम्मीद से काफी कम अंक मिले।




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