CBSE 12वीं केमिस्ट्री पेपर 2026 कठिन था या बैलेंस? NCERT पढ़ना कितना कारगर होता
सीबीएसई कक्षा 12 केमिस्ट्री बोर्ड परीक्षा 2026 का पेपर एनसीईआरटी आधारित और संतुलित रहा, ऑर्गेनिक, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री और न्यूमेरिकल्स से जुड़े सवालों ने कॉन्सेप्ट की जांच की।

cbse class 12 chemistry paper 2026 analysis: सीबीएसई ने शनिवार 28 फरवरी को 12वीं की केमिस्ट्री की परीक्षा आयोजित की। केमिस्ट्री बोर्ड परीक्षा ने छात्रों को राहत भी दी और तैयारी की असली कसौटी पर भी कसा। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चले इस पेपर को शिक्षकों और विद्यार्थियों ने आसान से मध्यम स्तर का बताया, लेकिन साफ कहा कि सिर्फ रटने से काम नहीं चलता, किताब की गहराई समझनी जरूरी थी। पेपर पूरी तरह एनसीईआरटी पर आधारित था और कई सवाल सीधे पाठ्यपुस्तक से आए थे। हालांकि, सही उत्तर लिखने के लिए कॉन्सेप्ट की स्पष्ट समझ और प्रश्न अभ्यास बेहद जरूरी था।
पेपर का ओवरऑल लेवल कैसा रहा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के मॉर्डन पब्लिक स्कूल शालीमार गार्डन की शिक्षाविद डॉ. अलका कपूर ने बताया कि प्रश्नपत्र का ढांचा संतुलित था। इसमें सीधे सवाल, योग्यता आधारित प्रश्न और कॉन्सेप्ट पर आधारित सवालों का अच्छा मिश्रण देखने को मिला। उनके अनुसार जो छात्र नियमित रूप से एनसीईआरटी पढ़ते रहे और अभ्यास करते रहे, उनके लिए यह पेपर स्कोरिंग साबित हुआ।
सेक्शन ए और बी ने परखा बेसिक और कॉन्सेप्ट
सेक्शन ए में पूछे गए एमसीक्यू अधिकतर सीधे और एनसीईआरटी आधारित थे। कुछ प्रश्न ऐसे थे जिनमें भाषा को ध्यान से पढ़ना जरूरी था, क्योंकि छोटी सी गलती उत्तर बदल सकती थी। सेक्शन बी के शॉर्ट आंसर प्रश्नों में कॉन्सेप्ट की पकड़ ज्यादा जरूरी रही। खासकर इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, केमिकल काइनेटिक्स और कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स जैसे टॉपिक्स से जुड़े सवालों ने छात्रों की समझ जांची। इन प्रश्नों में स्टेप बाय स्टेप समाधान लिखना जरूरी था। जिन छात्रों ने डेरिवेशन और सिद्धांतों का अभ्यास किया था, उन्हें यह भाग संतुलित लगा।
लॉन्ग आंसर सेक्शन रहा व्यापक
लॉन्ग आंसर वाले सवालों में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री को खास महत्व दिया गया। कन्वर्जन आधारित प्रश्न, रिएक्शन मैकेनिज्म, नेम्ड रिएक्शंस ये सभी एनसीईआरटी के दायरे में थे। न्यूमेरिकल प्रश्न सीधे फॉर्मूला आधारित रहे और बहुत लंबे नहीं थे, जिससे समय बचाने में मदद मिली। पेपर में दिए गए इंटरनल चॉइस ने छात्रों को अपनी मजबूत यूनिट से प्रश्न चुनने की सुविधा दी।
यूनिट वाइज ट्रेंड क्या रहा
फिजिकल केमिस्ट्री में मध्यम स्तर के न्यूमेरिकल आए जो सीधे फॉर्मूला आधारित थे। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री थोड़ा ट्रिकी जरूर रही, लेकिन पूरी तरह एनसीईआरटी पर आधारित थी और मैकेनिज्म समझने वालों के लिए आसान रही। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में खासकर d और f ब्लॉक तथा कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स से याददाश्त आधारित प्रश्न आए, जो नियमित पढ़ाई करने वालों के लिए अनुमानित थे।
टाइम मैनेजमेंट बना असली गेम चेंजर
तीन घंटे का समय पेपर पूरा करने के लिए पर्याप्त था, लेकिन कुछ न्यूमेरिकल और रीजनिंग आधारित सवालों में सावधानी से गणना करनी पड़ी। जिन छात्रों ने समय का सही बंटवारा किया, वे अंत में अपने उत्तर दोबारा जांच भी पाए। यानी यह पेपर उन छात्रों के पक्ष में गया जिन्होंने समझ के साथ तैयारी की, न कि केवल आखिरी समय की पढ़ाई पर भरोसा किया।




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