CBSE 10th Second Exam 2026: CBSE 10वीं कंपार्टमेंट छात्रों को पास होने के लिए मिलेंगे 3 चांस; जानें बोर्ड के नए निर्देश
CBSE's second board exam 2026: बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छात्र जिनकी 10वीं कंपार्टमेंट आई है, उन्हें परीक्षा पास करने के लिए एक नहीं, बल्कि पूरे तीन अवसर दिए जाएंगे। आइए जानते हैं कि बोर्ड के ये नए नियम छात्रों के भविष्य को कैसे प्रभावित करेंगे।

CBSE Second Board Exam 2026 Class 10: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं की मुख्य परीक्षा के परिणाम आने के बाद अब उन छात्रों के लिए राहत भरी खबर आई है, जो किसी कारणवश एक या दो विषयों में सफल नहीं हो पाए हैं। बोर्ड ने दूसरी मुख्य परीक्षा यानी सप्लीमेंट्री परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके साथ ही, बोर्ड ने स्कूलों को कंपार्टमेंट और परीक्षा सुधार से जुड़े नए नियमों से अवगत कराया है, ताकि छात्रों को अपना साल बचाने का पूरा अवसर मिल सके।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जिनकी कंपार्टमेंट आई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छात्रों को परीक्षा पास करने के लिए एक नहीं, बल्कि पूरे तीन अवसर दिए जाएंगे। आइए जानते हैं कि बोर्ड के ये नए नियम छात्रों के भविष्य को कैसे प्रभावित करेंगे।
सफलता के तीन मौके: कब और कैसे?
बोर्ड द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, कंपार्टमेंट वाले छात्रों के पास सफल होने का सबसे पहला और मुख्य अवसर इसी सत्र में होगा।
पहला अवसर: मई 2026 में होने वाली दूसरी मुख्य परीक्षा में छात्र शामिल हो सकते हैं। यह सबसे सुनहरा मौका है क्योंकि इसमें पास होने पर छात्र का पूरा साल बर्बाद होने से बच जाएगा।
दूसरा और तीसरा अवसर: यदि कोई छात्र मई की परीक्षा में भी सफल नहीं हो पाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड उसे अगले सत्र यानी साल 2027 में दो और मौके देगा। ये छात्र फरवरी 2027 और फिर मई 2027 की परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी में शामिल हो सकेंगे।
हालांकि, बोर्ड ने एक कड़ा नियम भी बनाया है। यदि इन तीनों प्रयासों के बाद भी कोई छात्र सफल नहीं होता है, तो उसे फेल माना जाएगा और उसे अगले साल सभी विषयों की परीक्षा नए सिरे से देनी होगी।
अतिरिक्त विषयों पर पाबंदी और परीक्षा में उपस्थिति की अनिवार्यता
बोर्ड ने इस बार नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। अब 10वीं पास करने के बाद छात्रों को अतिरिक्त विषयों के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बोर्ड ने इस सुविधा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
इसके अलावा, स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल वही छात्र दूसरी परीक्षा (मई वाली) में बैठ सकते हैं, जिन्होंने पहली मुख्य परीक्षा दी थी। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहा है, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल होकर अपना प्रदर्शन सुधारने का दावा नहीं कर सकता। अपना स्कोर सुधारने या कंपार्टमेंट क्लियर करने के लिए पहली परीक्षा में बैठना अनिवार्य शर्त है।
रिजल्ट के बाद पुनर्मूल्यांकन की सुविधा
बोर्ड ने छात्रों के हितों का ध्यान रखते हुए यह भी साफ किया है कि फोटोकॉपी प्राप्त करने, अंकों के वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन की ऑनलाइन सुविधाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी। दूसरी परीक्षा के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद ये विंडो खुल जाएगी। छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने अंकों से संतुष्टि प्राप्त कर सकते हैं और रिवाइज्ड रिजल्ट का उपयोग 11वीं कक्षा में दाखिले के लिए कर सकते हैं।
सीबीएसई का यह कदम छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने वाला है। तीन मौके देने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मेहनती छात्र केवल एक परीक्षा के खराब होने से पीछे न रह जाए। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे अपने छात्रों को इन नियमों के बारे में विस्तार से बताएं ताकि वे समय रहते सही निर्णय ले सकें।




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