CBSE Board Exams: New Question Paper Pattern Focuses on Logical Reasoning and Case Studies CBSE Board Exam 2026: CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 में अब रटने का नहीं, समझने का दौर; बदल गया है प्रश्नपत्रों का पैटर्न, Career Hindi News - Hindustan
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CBSE Board Exam 2026: CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 में अब रटने का नहीं, समझने का दौर; बदल गया है प्रश्नपत्रों का पैटर्न

CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई (CBSE) की बोर्ड परीक्षाओं में पारंपरिक यानी रटे-रटाए सवालों का दौर खत्म हो रहा है। इसके स्थान पर बोर्ड ने अब कॉम्पिटेंसी बेस्ड, केस बेस्ड और सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड प्रश्नों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है।

Mon, 23 Feb 2026 05:56 AMPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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CBSE Board Exam 2026: CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 में अब रटने का नहीं, समझने का दौर; बदल गया है प्रश्नपत्रों का पैटर्न

CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई (CBSE) की बोर्ड परीक्षाओं में इस बार एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अब बोर्ड परीक्षाओं में पारंपरिक यानी रटे-रटाए सवालों का दौर खत्म हो रहा है। इसके स्थान पर बोर्ड ने अब कॉम्पिटेंसी बेस्ड, केस बेस्ड और सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड प्रश्नों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है।

नया पैटर्न: तर्क और विश्लेषण का संगम

विशेषज्ञों के अनुसार, अब प्रश्नपत्र इस तरह तैयार किए जा रहे हैं जो छात्र की सिर्फ याददाश्त नहीं, बल्कि उनकी तर्क शक्ति, विश्लेषण क्षमता और किसी दी गई परिस्थिति को समझने की क्षमता का आकलन कर सकें।

इस नए पैटर्न में ‘असर्शन-रीजन’ आधारित सवालों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को रटने की प्रवृत्ति से दूर करना और उन्हें विषय की गहराई तक ले जाना है। आने वाली परीक्षाओं में केमिस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी और कक्षा 10 के अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी इसी तरह के चुनौतीपूर्ण और समझ पर आधारित प्रश्नों की प्रधानता रहने वाली है।

विशेषज्ञों की राय और छात्रों के लिए सुझाव

बीएन पब्लिक स्कूल के निदेशक माधवेंद्र पांडेय का मानना है कि कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्नों को बढ़ाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका कहना है कि इससे छात्र रटने के बजाय कॉन्सेप्ट को बेहतर तरीके से समझेंगे। उन्होंने छात्रों के लिए कुछ खास टिप्स साझा किए हैं:

एनसीईआरटी (NCERT) पर पकड़: छात्र एनसीईआरटी के हर सिद्धांत को गहराई से पढ़ें और समझें।

प्रश्न की भाषा को समझें: सैंपल पेपर हल करते समय प्रश्नों की भाषा और उसके पीछे छिपे तर्क को समझने की कोशिश करें।

केस-स्टडी का अभ्यास: प्रतिदिन केस-स्टडी आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें ताकि आप लंबे और जटिल सवालों को आसानी से हल कर सकें।

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वहीं, काउंसलर श्वेता जॉनसन ने इसे 'उच्च स्तरीय सोच' विकसित करने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह पैटर्न विद्यार्थियों में विश्लेषण, मूल्यांकन और व्यावहारिक अनुप्रयोग पर जोर देता है। छात्रों के लिए उनकी सलाह है कि वे:

माइक्रो-रिवीजन : एक ऐसा रिविजन प्लान बनाएं जिसमें हर दिन प्रमुख टॉपिक्स को संक्षिप्त रूप में दोहराया जाए।

उदाहरणों का अभ्यास: एनसीईआरटी में दिए गए उदाहरणों और केस-स्टडीज को हल करना अब और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

सीबीएसई का यह नया बदलाव छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है। रटने की आदत अब काम नहीं आएगी, बल्कि विषय का सही ज्ञान और उसका व्यावहारिक उपयोग ही बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में सहायक होगा। अतः छात्रों को घबराने के बजाय अपनी सीखने की शैली को थोड़ा और विश्लेषणात्मक बनाने की जरूरत है।

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