CBSE Mandates APAAR ID for Board Exams 2026: Know All About the 'One Nation, One Student ID Rule CBSE APAAR ID: CBSE ने अनिवार्य की APAAR ID, छात्रों की मार्कशीट अब एक क्लिक पर; , जानें कैसे करें अप्लाई, Career Hindi News - Hindustan
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CBSE APAAR ID: CBSE ने अनिवार्य की APAAR ID, छात्रों की मार्कशीट अब एक क्लिक पर; , जानें कैसे करें अप्लाई

CBSE APAAR ID: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से, छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन के समय APAAR ID (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) का होना अनिवार्य कर दिया गया है।

Fri, 20 Feb 2026 07:02 PMPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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CBSE APAAR ID: CBSE ने अनिवार्य की APAAR ID, छात्रों की मार्कशीट अब एक क्लिक पर; , जानें कैसे करें अप्लाई

CBSE APAAR ID: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) ने स्कूली छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से, छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन के समय APAAR ID (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) का होना अनिवार्य कर दिया गया है।

सीबीएसई का यह निर्णय 'डिजिटल इंडिया' और 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेगा और उन्हें भविष्य में अपना डेटा ट्रैक करने में आसानी होगी।

क्या है यह APAAR ID?

APAAR ID को 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' (एक राष्ट्र, एक छात्र आईडी) के रूप में देखा जा रहा है। यह एक 12-अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है जो हर छात्र को दी जाएगी। इसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

डिजिटल रिकॉर्ड: यह आईडी छात्र की पूरी शैक्षणिक यात्रा का डिजिटल 'लॉकर' है। इसमें मार्कशीट, डिग्री, स्कॉलरशिप, स्पोर्ट्स की उपलब्धियां और अन्य सर्टिफिकेट एक ही स्थान पर सुरक्षित रहेंगे।

आसान पहचान: इससे स्कूल या बोर्ड बदलने पर भी छात्र की शैक्षणिक जानकारी आसानी से ट्रांसफर हो सकेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

लाइफ-लॉन्ग एक्सेस: यह एक ऐसी आईडी है जो छात्र के साथ उसके पूरे शैक्षणिक जीवन में रहेगी।

बोर्ड ने क्यों लिया यह फैसला?

बोर्ड की समीक्षा में पाया गया कि 2025-26 सत्र तक 50% से कम छात्रों ने अपनी APAAR ID बनवाई थी। इस धीमी प्रक्रिया को देखते हुए सीबीएसई ने इसे अब अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने 9वीं से 12वीं कक्षा तक के रजिस्ट्रेशन और 'लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स' (LOC) मॉड्यूल में इसे इंटीग्रेट कर दिया है।

पिछले वर्षों में हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने डेटा इंटीग्रेशन और माता-पिता की सहमति में दिक्कतों का हवाला दिया था, जिसके बाद बोर्ड ने स्कूलों को पूरी सहायता देने और तकनीकी बाधाओं को दूर करने का आश्वासन दिया है।

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कैसे बनवाएं अपनी APAAR ID?

छात्र अपनी आईडी दो आसान तरीकों से बनवा सकते हैं:

स्कूल के माध्यम से: अपने स्कूल से संपर्क करें। अभिभावकों को एक सहमति पत्र भरना होगा, जिसके बाद स्कूल यू-डायस (UDISE+) पोर्टल के जरिए आईडी जेनरेट कर देगा।

ऑनलाइन प्रक्रिया: छात्र स्वयं भी DigiLocker या ABC (Academic Bank of Credits) पोर्टल पर जाकर अपना अकाउंट बना सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

सीबीएसई ने साफ किया है कि इस डिजिटल आईडी का उद्देश्य केवल छात्रों की सुविधा और उनके रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना है। जो छात्र अपनी आईडी समय रहते बनवा लेंगे, उन्हें बोर्ड परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अभिभावकों से अनुरोध है कि वे बच्चों के स्कूल रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दी गई जानकारी का मिलान कर लें ताकि आईडी बनते समय कोई नाम या जन्म तिथि में गलती न हो। इस बारे में किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर दी गई जानकारी को ही सही मानें।

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