CBSE : 12 नंबर देकर फेल कर दिया, सीबीएसई आंसरशीट मेरी नहीं, वेदांत के बाद एक और लड़की का दावा
दिल्ली की छात्रा हर्षिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि स्कैन कॉपी मांगने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें जो फिजिक्स की आंसर शीट दी गई, वो उनकी है ही नहीं। उन्होंने कहा है कि उन्हें इसमे सिर्फ 12 नंबर मिले हैं।

CBSE Class 12 OSM Answer sheet mismatch : वेदांत के बाद एक और छात्रा ने सीबीएसई द्वारा 12वीं की कॉपी चेकिंग में इस्तेमाल किए गए ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली की छात्र हर्षिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि स्कैन कॉपी मांगने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें जो फिजिक्स की आंसर शीट दी गई, वो उनकी है ही नहीं। उन्होंने कहा है कि उन्हें इसमे सिर्फ 12 नंबर मिले हैं, जबकि उनका पेपर काफी अच्छा गया था। वह फेल हो गई हैं।
अब सवाल है कि क्या वेदांत श्रीवास्तव की तरह दिल्ली की हर्षिता की फिजिक्स की आंसरशीट भी बदल गई? एबीपी न्यूज टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में छात्रा ने दावा है कि सीबीएसई से मिली आंसरशीट पर उसकी हैंडराइटिंग नहीं है। इंटरव्यू में वह फिजिक्स की कॉपी की हैंडराइटिंग बाकी आंसरशीट से मिला कर दिखा रही हैं, जिसमें फर्क नजर आ रहा है।
इंटरव्यू में हर्षिता ने बताया कि जब उसने अपनी फिजिक्स और केमिस्ट्री की कॉपी निकलवाई, तो उसने पाया कि फिजिक्स की आंसर शीट का पहला पेज तो उसी का था, लेकिन अंदर के पन्ने किसी और बच्चे के थे। उस बच्चे ने कई सवाल आधे छोड़ रखे थे। हर्षिता ने दिखाया कि उसकी असली हैंडराइटिंग काफी साफ, बड़े अक्षरों वाली है, जबकि उसे जो कॉपी दी गई है, उसकी हैंडराइटिंग हर्षिता की लिखावट से बिल्कुल अलग है।
जेईई क्वालिफायर छात्र हर्ष चौरसिया ने उठाए CBSE पर सवाल
दिल्ली के छात्र हर्ष चौरसिया का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया। हर्ष ने पोस्ट कर दावा किया कि उनकी फिजिक्स की सप्लीमेंट्री कॉपी गायब है। CBSE 12वीं में 84 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले छात्र हर्ष चौरसिया का मामला चर्चा का विषय बन गया है। हर्ष का कहना है कि उन्हें फिजिक्स विषय में केवल 73 अंक दिए गए, जबकि उनके अनुसार उनके कम से कम 85 से अधिक अंक आने चाहिए थे। उन्होंने बताया कि उनका पढ़ाई में प्रदर्शन हमेशा अच्छा रहा है। हर्ष ने अपनी उत्तर पुस्तिका देखने के बाद दावा किया कि उनकी फिजिक्स की सप्लीमेंट्री कॉपी जांच में शामिल ही नहीं की गई। उनका कहना है कि मुख्य कॉपी के ऊपर साफ तौर पर लिखा गया है कि उन्होंने एक सप्लीमेंट्री कॉपी ली थी, लेकिन मूल्यांकन के दौरान केवल 32 पन्नों वाली मुख्य कॉपी ही चेक की गई। 8 पन्नों की सप्लीमेंट्री कॉपी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
वेदांत के मामले में सीबीएसई ने मानी गलती
सीबीएसई 12वीं क्लास के छात्र वेदांत ने फिजिक्स में उम्मीद से कम नंबर पाने पर अपनी स्कैन कॉपी मांगी थी। जब स्कैन कॉपी देखी तो उन्होंने दावा किया कि उनकी फिजिक्स की आंसर शीट किसी दूसरे उम्मीदवार की आंसर शीट से बदल दी गई है। उन्होंने सीबीएसई को ईमेल किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। ट्वीट वायरल हो गया। मामला तूल पकड़ने के बाद सीबीएसई ने गलती मानी और उनके उनकी सही मार्कशीट भेज दी। सीबीएसई 12वीं की आंसरशीट बदले जाने की शिकायत के बाद वेदांत श्रीवास्तव के अंक 65 से बढ़कर 74 हो गए हैं। सीबीएसई
आंसरशीट देख छात्र हैरान, क्या क्या जता रहे आपत्ति
- सीबीएसई ने इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की, ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की गई? ब्लर होने के चलते कैसे कई उत्तर अनचेक रह गए।
- मल्टीपल चॉइस प्रश्न में भी सही जवाब पर अंक क्यों काटे?
- सही सही फीस क्यों नहीं दिखा रहा, बढ़ा चढ़ाकर फीस क्यों दिखा रहा पोर्टल
- विद्यार्थियों की आंसरशीट अदला बदली कैसे हो गई? कइयों के कुछ पन्ने गायब कैसे हो गए? कई आंसरशीट में से एक्स्ट्रा लगाई गई शीट गायब कैसे हो गई। किसी की आंसरशीट किसी और के रोल नंबर पर अपलोड होकर कैसे आ गई?
- सही उत्तरों के मार्क्स क्यों काटे गए?
- मेरी आंसर-शीट मुझे अब तक क्यों नहीं मिली है?
- जितने विषयों की आंसरशीट के लिए आवेदन किया था, उतनी नहीं मिली?
अगले साल भी जारी रहेगा OSM
वर्तमान विवादों के बावजूद, CBSE अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगले साल की बोर्ड परीक्षाओं के लिए भी OSM प्रणाली जारी रहेगी। CBSE के पूर्व अध्यक्ष अशोक गांगुली ने इसे एक अच्छी पहल बताया है, लेकिन उन्होंने जोर दिया है कि इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उचित स्कैनिंग, शिक्षकों की ट्रेनिंग और रिट्रेनिंग, तथा बेहतर तैयारियों की सख्त आवश्यकता है।




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