CBSE का बड़ा ब्लंडर! सही उत्तरों को भी काटा, मिले जीरो मार्क्स, नई OSM डिजिटल चेकिंग पर भड़के छात्र
CBSE: सीबीएसई बोर्ड पर छात्रों ने गंभीर लापरवाही बरतने, सही उत्तरों पर नंबर न देने और यहां तक कि कॉपियों की अदला-बदली करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। नई डिजिटल प्रणाली 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) छात्रों और अभिभावकों के निशाने पर आ गई है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के नतीजों के बाद शुरू हुई री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया अब बड़े विवादों में घिर गई है। देश भर के कई छात्रों ने बोर्ड पर गंभीर लापरवाही बरतने, सही उत्तरों पर नंबर न देने और यहां तक कि कॉपियों की अदला-बदली करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस साल सीबीएसई द्वारा शुरू की गई नई डिजिटल प्रणाली 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) छात्रों और अभिभावकों के निशाने पर आ गई है।
सोशल मीडिया पर फूटा छात्रों का दर्द: "यह मेरी हैंडराइटिंग नहीं है"
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब वेदांत श्रीवास्तव नाम के एक कक्षा 12वीं के छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर अपनी आपबीती साझा की। फिजिक्स के पेपर में उम्मीद से बहुत कम नंबर आने के बाद जब वेदांत ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी डाउनलोड की, तो वह दंग रह गया। छात्र ने सबूतों के साथ दावा किया कि सीबीएसई के पोर्टल पर उसके रोल नंबर के तहत जो फिजिक्स की कॉपी अपलोड की गई है, वह उसकी है ही नहीं।
अक्षरों की बनावट, शब्दों के बीच का स्पेस और लिखने का तरीका उसके अन्य पेपरों (अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस) से बिल्कुल अलग था। छात्र ने लिखा, "मैं पूरी तरह टूट चुका हूं। जो कॉपी मुझे दिखाई गई है, उसमें न तो मेरी लिखावट है और न ही वे सवाल जो मैं हल करके आया था।
"सिर्फ एक नहीं, कई छात्र हुए तकनीकी गड़बड़ी के शिकार
वेदांत की पोस्ट वायरल होने के बाद संजना, मोक्ष यादव और रजाक रेहरी जैसे कई अन्य छात्रों ने भी अपनी कॉपियों में इसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई।
गलत उत्तर और छूटे हुए पन्ने: छात्रों का आरोप है कि उन्हें सही उत्तर लिखने के बावजूद शून्य अंक दिए गए हैं और स्टेप मार्किंग को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
धुंधली और अधूरी कॉपियां: कई छात्रों ने शिकायत की है कि पोर्टल से डाउनलोड की गई आंसर शीट के कई पन्ने पूरी तरह धुंधले हैं या कुछ महत्वपूर्ण पन्ने गायब हैं, जिससे वे अपने नंबरों का मिलान ही नहीं कर पा रहे हैं।
पेन की स्याही का अंतर: एक छात्र ने दावा किया कि उसने परीक्षा में नीले पेन का उपयोग किया था, लेकिन उसे जो स्कैन कॉपी मिली उसमें काले पेन से उत्तर लिखे हुए थे।
सीबीएसई ने मानी गलती, सुधारा जाएगा रिजल्ट
विवाद के तूल पकड़ने और चौतरफा दबाव के बाद आखिरकार सीबीएसई ने अपनी तकनीकी चूक को स्वीकार किया है। बोर्ड के संयुक्त सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्र वेदांत से सीधा संपर्क साधा और जांच के बाद माना कि स्कैनिंग के दौरान कॉपियों की मैपिंग में गड़बड़ी हो गई थी। बोर्ड ने छात्र को उसकी असली उत्तर पुस्तिका ईमेल के जरिए भेज दी है और आश्वासन दिया है कि संशोधित नंबरों के आधार पर उसका रिजल्ट जल्द ही अपडेट कर दिया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने सीबीएसई की नई ओएसएम (OSM) तकनीक और उसकी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र अब यह मांग कर रहे हैं कि बोर्ड अपनी पूरी डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की गहन जांच कराए ताकि किसी भी होनहार छात्र का भविष्य खराब न हो।




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