CBSE 12वीं में सबसे ज्यादा 100 में से 100 अंक किस विषय में आए, क्यों घटे 90 व 95 फीसदी वाले
सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 में विभिन्न विषयों में छात्रों के 100 में 100 अंक प्राप्त करने के आंकड़े सामने आए हैं। विषयवार सूची के अनुसार फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ से अधिक पेंटिंग में सौ में से सौ पाने वाले छात्र हैं।

सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 में विभिन्न विषयों में छात्रों के 100 में 100 अंक प्राप्त करने के आंकड़े सामने आए हैं। विषयवार सूची के अनुसार फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ से अधिक पेंटिंग में सौ में से सौ पाने वाले छात्र हैं। पेंटिंग में 15,334 छात्रों ने 100 में 100 अंक हासिल किए। इसके बाद हिंदुस्तानी वोकल म्यूजिक में 4472 छात्रों ने पूर्णांक प्राप्त किया। एआई में 3,326 छात्रों ने पूर्ण अंक प्राप्त किए। कोर विषयों में साइकोलॉजी में कुल 2533 छात्रों ने पूर्णांक प्राप्त किया। योग में 2,013 छात्रों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किया। वाणिज्य विषयों में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। बिजनेस स्टडीज में 11,33 छात्रों ने 100 में 100 अंक प्राप्त किए।
भाषा विषयों में इंग्लिश इलेक्टिव में 1 छात्र, हिंदी इलेक्टिव में 5 छात्र, उर्दू इलेक्टिव में 1 में संस्कृत इलेक्टिव में 3 छात्रों ने शत प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं फिजिक्स में 96, सोश्योलॉजी में 189,बायोलॉजी में 1343, केमेस्ट्री में 1061 छात्रों ने शत प्रतिशत अंक प्राप्त किया। ऐसा देखा गया है कि कोर विषयों की अपेक्षा अन्य विषयों में छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अंग्रेजी कोर में 2401 तथा हिंदी कोर में मात्र 24 छात्रों ने सौ में सौ अंक पाए हैं।
शिक्षकों ने कहा- कम अंकों का कारण ओएसएम
इस वर्ष सीबीएसई 12वीं परिणाम में 90 फीसदी और 95 फीसदी अंक पाने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे कुछ स्कूलों के प्रिंसिपल नई प्रणाली ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) को जिम्मेदार मान रहे हैं।
एक प्रिंसिपल ने बताया कि ऑनलाइन केंद्रों पर जिन लोगों को कॉपियां चेक करने के लिए रखा गया था, उनको पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं किया गया था। कई सरकारी स्कूलों के शिक्षक लैपटॉप या कंप्यूटर के प्रयोग को लेकर अभ्यस्त नहीं थे। मंगलवार रात तक कॉपियां चेक की गई हैं। ऐसे में लग रहा है आनन फानन में परीक्षा परिणाम निकाला गया है। एक शिक्षक का कहना है कि सीबीएसई को इस दिशा में सोचना चाहिए। फिजिक्स और केमेस्ट्री में भी अंक कम आए। हालांकि, सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक ने इससे इनकार किया।
12वीं में इस बार कम छात्र पास हुए
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष परिणाम में कमी आई है। 90 और 95 फीसद अंक पाने वाले छात्रों की संख्या में भी कमी आई है। वहीं, छात्रों के मुकाबले 6.73 फीसदी अधिक छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। सीबीएसई के अनुसार, इस साल 17,68,968 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 15,07,109 ने परीक्षा उत्तीर्ण की, इनका पास प्रतिशत 85.20 है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले 3.19 फीसद कम है। पिछले वर्ष 2025 में 16,92,796 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 14,96,307 उत्तीर्ण हुए थे, इनका पास फीसद 88.39 था।
छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर
लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी और लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.86 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.13 प्रतिशत रहा।ट्रांसजेंडर श्रेणी के उत्तीर्ण दर शत प्रतिशत रही। ज्ञात हो कि देश में 19967 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 7573 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।




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