CBSE Result : सीबीएसई का बड़ा फैसला, 10वीं 12वीं में छठे 7वें अतिरिक्त विषय के आधार पर नहीं होंगे पास
CBSE 10th 12th Exam : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने छठे या सातवें एडिश्नल विषय के आधार पर पास होने की सुविधा अब समाप्त कर दी है। यह नियम उन विद्यार्थियों पर लागू होगा, जिन्हें किसी कारण से किसी एक विषय की परीक्षा में निष्कासित किया गया है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने छठे या सातवें अतिरिक्त विषय के आधार पर पास होने की सुविधा अब समाप्त कर दी है। यह नियम उन विद्यार्थियों पर लागू होगी, जिन्हें किसी कारण से किसी एक विषय की परीक्षा में निष्कासित किया गया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि नई व्यवस्था 2026 से लागू हो गई है। यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा के दौरान नकल या अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे छठे या सातवें अतिरिक्त विषयों के आधार पर पास होने की सुविधा नहीं मिलेगी। नए नियमों के तहत जिस विषय में छात्र नकल करते हुए पकड़ा जाएगा, उस विषय की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। ऐसे छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा जाएगा और उन्हें उसी विषय की परीक्षा दोबारा देनी होगी।
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि वर्ष 2025 में 42 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए 10-12वीं की परीक्षाएं आयोजित की गईं। 10वीं में 608 छात्र अनुचित साधनों के उपयोग में पकड़े गए थे, जिनमें से 388 छात्रों को छठे या सातवें विषय के अंकों के आधार पर पास घोषित कर दिया गया था।
वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए सीबीएसई ने किए निम्न अन्य बड़ बदलाव
- कक्षा 12वीं की कॉपियों की 'ऑन-स्क्रीन' चेकिंग
2026 की परीक्षा का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव कक्षा 12वीं के लिए है। अब परीक्षकों को भारी-भरकम कॉपियों के बंडल नहीं ढोने होंगे। कॉपियों को स्कैन कर डिजिटल सर्वर पर अपलोड किया जाएगा और शिक्षक उन्हें कंप्यूटर स्क्रीन पर ही जांचेंगे। इससे 'टोटलिंग' (अंकों की गिनती) की मानवीय गलतियां खत्म हो जाएंगी और परिणाम जल्दी घोषित होंगे। कक्षा 10वीं की कॉपियां अभी भी मैन्यूल तरीके से ही जांची जाएंगी।
- कक्षा 10वीं के छात्रों को 'दो मौके'
सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों को परीक्षा के स्ट्रेस से बड़ी राहत दी है। अब छात्र एक ही शैक्षणिक वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। पहली अनिवार्य परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी। यदि कोई छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है, तो वह मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकता है। दोनों परीक्षाओं में से जिस भी सत्र में बेहतर अंक होंगे, उन्हें फाइनल माना जाएगा।
सेक्शन वाइज लिखना होगा
इस बार साइंस और सोशल साइंस जैसे विषयों के लिए 'सेक्शन-वाइज' उत्तर लिखना अनिवार्य कर दिया गया। उदाहरण के लिए, साइंस की उत्तर पुस्तिका में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए गए। यदि किसी छात्र ने फिजिक्स का उत्तर केमिस्ट्री वाले सेक्शन में लिख दिया, तो उस उत्तर का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
उत्तर लिखने में स्टेप के अनुसार बच्चों को मिलेंगे अंक
सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में स्टेप के अनुसार बच्चों को अंक मिलेगा। इसके लिए निर्देश जारी किया गया है।
5 से 7 अंकों के सवालों में स्टेप पर इस तरह मिलेंग अंक
- कॉपी जांचते समय ध्यान रखना है कि केवल पूरा उत्तर सही होने पर ही अंक नहीं मिले, बल्कि हर स्टेप के अनुसार अंक दिया जाए।
- सात अंक वाले सवाल में पहला स्टेप सही हुआ तो एक तो दूसरे पर तीन और तीसरे स्टेप पर भी तीन अंक मिलेंगे।
- छह अंक वाले सवाल में पहले स्टेप पर तीन और दूसरे स्टेप पर तीन अंक मिलेगा। अल्टरनेटिव सॉल्यूशन पर स्टेप एक में एक और स्टेप दो में पांच अंक मिलेंगे।
- पांच अंक वाले सवाल में स्टेप एक में एक, स्टेप दो पर दो और स्टेप तीन पर तीन अंक मिलेंगे।




साइन इन