CBSE Board 10th, 12th Exam 2026: CBSE बोर्ड परीक्षा 2026, बदल गया सब कुछ! 5 बड़े बदलावों के साथ हाई-टेक हुआ CBSE
CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है। 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली परीक्षाओं में छात्र एक बिल्कुल नए अनुभव से गुजरेंगे।

CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किए गए ये सुधार न केवल परीक्षा के स्ट्रेस को कम करेंगे, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया को भी हाई-टेक बनाएंगे। 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली परीक्षाओं में छात्र एक बिल्कुल नए अनुभव से गुजरेंगे।
1. कक्षा 12वीं की कॉपियों की 'ऑन-स्क्रीन' चेकिंग
2026 की परीक्षा का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव कक्षा 12वीं के लिए है। अब परीक्षकों को भारी-भरकम कॉपियों के बंडल नहीं ढोने होंगे।
डिजिटल मूल्यांकन: कॉपियों को स्कैन कर डिजिटल सर्वर पर अपलोड किया जाएगा और शिक्षक उन्हें कंप्यूटर स्क्रीन पर ही जांचेंगे।
फायदा: इससे 'टोटलिंग' (अंकों की गिनती) की मानवीय गलतियां खत्म हो जाएंगी और परिणाम जल्दी घोषित होंगे। कक्षा 10वीं की कॉपियां अभी भी मैन्यूल तरीके से ही जांची जाएंगी।
2. कक्षा 10वीं के छात्रों को 'दो मौके'
सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों को परीक्षा के स्ट्रेस से बड़ी राहत दी है। अब छात्र एक ही शैक्षणिक वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे।
मुख्य परीक्षा: पहली अनिवार्य परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी।
सुधार का मौका: यदि कोई छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है, तो वह मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकता है। दोनों परीक्षाओं में से जिस भी सत्र में बेहतर अंक होंगे, उन्हें फाइनल माना जाएगा।
3. परीक्षा पैटर्न में 'रटने' की जगह 'समझ' पर जोर
अब केवल परिभाषाएं रटने से काम नहीं चलेगा। प्रश्न पत्र का ढांचा अब विश्लेषणात्मक सोच पर आधारित होगा:
50% योग्यता आधारित प्रश्न : पेपर का आधा हिस्सा केस स्टडी, स्रोत-आधारित और वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित होगा।
20% वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs): वैचारिक स्पष्टता के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे।
30% वर्णनात्मक प्रश्न: पारंपरिक लंबे उत्तरों का वेटेज घटा दिया गया है।
4. उत्तर पुस्तिका लिखने के कड़े नियम
इस बार साइंस और सोशल साइंस जैसे विषयों के लिए 'सेक्शन-वाइज' उत्तर लिखना अनिवार्य कर दिया गया है।
विषयवार भाग: उदाहरण के लिए, साइंस की उत्तर पुस्तिका में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाने होंगे।
सावधानी: यदि किसी छात्र ने फिजिक्स का उत्तर केमिस्ट्री वाले सेक्शन में लिख दिया, तो उस उत्तर का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
5. एडमिट कार्ड और समय के नए नियम
बोर्ड ने अनुशासन को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया है:
प्रवेश समय: परीक्षा सुबह 10:30 बजे शुरू होगी, लेकिन केंद्रों पर प्रवेश केवल 10:00 बजे तक ही मिलेगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
कैलकुलेटर बैन: गणित और साइंस समेत सभी विषयों में किसी भी प्रकार का कैलकुलेटर या गैजेट ले जाना सख्त वर्जित है।




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