BPSC भर्ती परीक्षाओं में बड़ा बदलाव, अब उत्तर के होंगे 5 ऑप्शन, एक चुनना अनिवार्य, पर क्यों भड़के अभ्यर्थी
बीपीएससी ने अपनी ऑब्जेक्टिव टाइप भर्ती परीक्षाओं की ओएमआर शीट में 5वां विकल्प जोड़ने का फैसला किया है। 5वां विकल्प नॉट अटेम्प्ड का होगा। अगर अभ्यर्थी प्रश्न को छोड़ना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से 5वें ऑप्शन ई को चुनना होगा।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने अपनी भर्ती परीक्षाओं में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) जैसा नियम लागू कर दिया है। बीपीएससी ने अपनी मल्टीपल चॉइस प्रश्न आधारित भर्ती परीक्षाओं की उत्तर प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब तक प्रत्येक प्रश्न के लिए चार विकल्प (ए, बी, सी, डी) दिए जाते थे और अभ्यर्थियों के लिए किसी एक विकल्प का चयन करना अनिवार्य नहीं था। इसके चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कई प्रश्नों को अनुत्तरित छोड़ देते थे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ता था। लेकिन अब नए नियमों के अनुसार अब प्रत्येक प्रश्न के लिए पांच विकल्प (ए, बी, सी, डी, ई) उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें ‘ई’ विकल्प का अर्थ ‘प्रयास नहीं किया गया’ (नॉट अटेम्प्ड) होगा। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर देना चाहता है, तो उसे ए, बी, सी, या डी में से किसी एक विकल्प का चयन करना होगा। वहीं, यदि वह प्रश्न को छोड़ना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से ‘ई’ विकल्प चुनना होगा।
बीपीएससी से पहले राजस्थान का आरपीएससी और हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) अपनी भर्ती परीक्षाओं में ऐसा करते आ रहे हैं। बिहार लोक सेवा आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था आगामी परीक्षाओं में प्रभावी होगी।
विकल्प नहीं चुने तो एक तिहाई अंक कटेगा
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी पांचों विकल्पों में से किसी का भी चयन नहीं करता है, तो उस प्रश्न को अनुत्तरित मानते हुए उस पर नकारात्मक अंकन लागू किया जाएगा। आरपीएससी की तरह बीपीएससी में भी ऐसे प्रत्येक प्रश्न के लिए 1/3 अंक की कटौती की जाएगी। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नई व्यवस्था को अच्छी तरह समझकर ही परीक्षा में शामिल हों, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। यह संशोधित उत्तर प्रणाली जल्द ही आयोग की सभी एमसीक्यू आधारित परीक्षाओं में लागू की जाएगी।
इस नियम पर बीपीएससी की क्यों खींची जा रही टांग
आरपीएससी अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करने के लिए 10 मिनट देता है कि सभी प्रश्नों में कोई न कोई विकल्प भर दिया गया है या नहीं। ताकि उनको इस बात के नेगेटिव अंक न मिलें। जबकि बीपीएससी ने एक्स्ट्रा टाइम देने का कोई ऐलान नहीं किया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर बहुत से अभ्यर्थी सवाल उठा रहे है कि बीपीएससी ने नियम तो आरपीएससी जैसा अपना लिया है लेकिन अतिरिक्त समय क्यों नहीं दिया जा रहा है। आरपीएससी भर्ती परीक्षाओं में किसी भी विकल्प का चयन न करने पर प्रति प्रश्न एक तिहाई अंक काटे जाते हैं। अभ्यर्थी की ओर से 10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में यदि किसी भी विकल्प का चयन नहीं किया जाता है, तो उसे परीक्षा के लिए अयोग्य ठहरा दिया जाता है।




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