बिहार के BTech और इंजीनियरिंग डिप्लोमा छात्र AICTE की परख योजना में पिछड़े
एआईसीटीई की तरफ से इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए शुरू परख योजना में बिहार के छात्र पीछे रह गये हैं। एआईसीटीई की तरफ से जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। छात्रों का असेसमेंट नहीं हो सका है।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की तरफ से इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए शुरू परख योजना में बिहार के छात्र पीछे रह गये हैं। एआईसीटीई की तरफ से जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। एमआईटी समेत बिहार के कई कॉलेजों के छात्रों का रजिस्ट्रेशन इस योजना के तहत होने के बाद भी उनका असेसमेंट (मूल्यांकन) पूरा नहीं हो सका। ऐसे में कौशल आधारित योग्यता में सूबे के इंजीनियरिंग छात्र पीछे रह गए हैं।
एमआईटी के प्राचार्य प्रो. मिथिलेश कुमार झा का कहना है कि बिहार में सरकार के द्वारा कौशल आधारित कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हो सकता है कि छात्र उन्हीं योजनाओं में शामिल हो गये हों, इसलिए परख में उनका मूल्यांकन पूरा नहीं हुआ हो। रिपोर्ट के मुताबिक मूल्यांकन नहीं कराने में इंजीनियरिंग कॉलेजों के अलावा पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्र भी पीछे हैं। इस योजना के तहत एमआईटी के 1078 छात्रों का रजिस्ट्रेशन किया गया था, लेकिन मूल्यांकन सिर्फ 374 छात्रों ने ही कराया। मोतिहारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में 668 छात्रों का रजिस्ट्रेशन किया गया, जबकि 337 छात्रों का ही मूल्यांकन किया गया। पॉलिटेक्निक कॉलेज मुजफ्फरपुर में एक भी छात्र का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ।
‘परख ’छात्रों को उद्योगों के लिए करता है दक्ष
एआईसीटीई ने परख योजना देशभर के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक छात्रों को उद्योगों के लिए तैयार करने के लिए बनाई है। इस योजना के तहत बाजार में चल रहे सभी तरह के कौशल के बारे में छात्रों को बताया जाना है, ताकि उद्योगों और इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के बीच कोई तकनीकी दूरी न रहे। इसलिए एआईसीटीई ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिया था कि वह अपने यहां के छात्रों का परख के तहत रजिस्ट्रेशन कराकर उन्हें कौशल विकास की शिक्षा दें और उनका मूल्यांकन करें।
छात्रों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मकता बढ़ाने के लिये एआईसीटीई ने कुछ साल पहले ‘छात्रों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन’ (परख) शुरू किया था ताकि छात्र समय के साथ होने वाले बदलाव के अनुरूप चीजों को सीखते हुए कमियों को दूर कर सकें। छात्र तय समय के बाद खुद ऑनलाइन परीक्षा से अपनी परख कर सकेंगे। इसके तहत छात्रों के लिए सवालों का प्रश्न बैंक तैयार किया गया है। इस परीक्षा के माध्यम से छात्रों को पता लग सकेगा कि कहां पर कमी है और किस विषय में सुधार की जरूरत है।




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