BEd : बीएड में 20 हफ्ते की इंटर्नशिप अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने दिए NCTE नियम सख्ती से लागू करने के आदेश
यूपी में बीएड छात्रों को पहले वर्ष 4 व दूसरे वर्ष 16 सप्ताह की इंटर्नशिप करनी होगी। शिक्षा विभाग की ओर से एनसीटीई के नियमों को सख्ती से लागू कराए जाने के आदेश जारी होने के बाद बीएड प्रशिक्षुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

यूपी में बीएड के दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 20 सप्ताह की इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है। बीएड प्रशिक्षुओं को पहले वर्ष 4 व दूसरे वर्ष 16 सप्ताह की इंटर्नशिप करनी होगी। माध्यमिक स्कूलों में इन बीएड प्रशिक्षुओं को पढ़ाने के लिए भेजा जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बीएड के दो वर्षीय पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले छात्रों को प्राथमिकता पर इंटर्नशिप के लिए राजकीय माध्यमिक स्कूल आवंटित किए जाएंगे। अगर बीएड संस्थान के आसपास कोई राजकीय माध्यमिक स्कूल नहीं है तो ही निजी माध्यमिक स्कूलों में इन्हें पढ़ाने के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नियमों को उच्च शिक्षा विभाग सख्ती से लागू करेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक अलॉट करेंगे स्कूल
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलों को इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं। प्रत्येक जिले के बीएड कॉलेज इंटर्नशिप के लिए छात्रों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजेंगे। फिर जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से इन्हें विद्यालय आवंटित कर दिया जाएगा। माध्यमिक स्कूलों में ही बीएड प्रशिक्षुओं को इंटर्नशिप के लिए भेजा जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एनसीटीई के नियमों को सख्ती से लागू कराए जाने के आदेश जारी होने के बाद बीएड प्रशिक्षुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
जहां पर शिक्षकों की कमी, वहां पढ़ाएंगे बीएड छात्र
अभी तक उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इंटर्नशिप को लेकर कोई फूलप्रूफ व्यवस्था न होने से बीएड प्रशिक्षुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ता था। सरकारी व निजी स्कूलों में इंटर्नशिप के लिए उन्हें चक्कर लगाने पड़ते थे। वहीं इंटर्नशिप की अवधि विस्तारित होने का भी लाभ मिलेगा। ऐसे राजकीय माध्यमिक स्कूल जहां पर शिक्षकों की कमी है, वहां पर यह बीएड प्रशिक्षु अपने-अपने विषय की पढ़ाई कराएंगे और जिससे छात्रों को राहत मिलेगी। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी की ओर से इंटर्नशिप से संबंधित निर्देशों को कड़ाई से पालन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बीएड कॉलेजों में शुरू होंगे अलग अलग विषयों के कोर्स
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षक-शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि देशभर में सिर्फ बीएड कोर्स संचालित करने वाले शिक्षक-शिक्षा संस्थान (टीईआई) अब बहुविषयक उच्च शिक्षण संस्थान (एचईआई) में बदले जाएंगे। ये सिर्फ बीएड कॉलेज के तौर पर संचालित नहीं होंगे। इनमें अलग-अलग कोर्सों की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। एनईपी में कहा गया है कि 2030 तक सभी टीईआई को बहुविषयक संस्थानों का हिस्सा बनना होगा, ताकि बीएड व अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के छात्र दूसरे विषयों के छात्रों के साथ पढ़ सकें। इससे उनकी समझ बढ़ेगी व कक्षा में पढ़ाने की गुणवत्ता सुधरेगी।




साइन इन