Beating Retreat 2026: What is Beating Retreat ceremony why it held after Republic day 29 January theme Beating Retreat : जानें 29 जनवरी को क्यों होती है बीटिंग रिट्रीट, गणतंत्र दिवस से क्या है नाता, इस बार क्या खास, Career Hindi News - Hindustan
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Beating Retreat : जानें 29 जनवरी को क्यों होती है बीटिंग रिट्रीट, गणतंत्र दिवस से क्या है नाता, इस बार क्या खास

Beating Retreat 2026 : हर वर्ष गणतंत्र दिवस के बाद 29 जनवरी को दिल्ली के विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का भव्य और शानदार आयोजन किया जाएगा। इसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं।

Thu, 29 Jan 2026 06:32 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Beating Retreat : जानें 29 जनवरी को क्यों होती है बीटिंग रिट्रीट, गणतंत्र दिवस से क्या है नाता, इस बार क्या खास

Beating Retreat 2026 : हर वर्ष गणतंत्र दिवस के बाद 29 जनवरी को दिल्ली के विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का भव्य और शानदार आयोजन किया जाएगा। रायसीना रोड पर राष्ट्रपति भवन के सामने 'बीटिंग द रिट्रीट' ( Beating The Retreat ) सेरेमनी होती है। इसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं। ‘बीटिंग द रिट्रीट’ असल में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह की समाप्ति का सूचक है। इस कार्यक्रम में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं। चार दिनों तक चलने वाले गणतंत्र दिवस समारोह का समापन बीटिंग रिट्रीट के साथ ही होता है। 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह की तरह यह कार्यक्रम भी देखने लायक होता है। इसके लिए राष्ट्रपति भवन, विजय चौक, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक बेहद सुंदर रोशनी के साथ सजाया जाता है।

क्यों और क्या होती है बीटिंग रिट्रीट?

'बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी' सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है। दुनियाभर में बीटिंग रिट्रीट की परंपरा रही है। लड़ाई के दौरान सेनाएं सूर्यास्त होने पर हथियार रखकर अपने कैंप में जाती थीं, तब एक संगीतमय समारोह होता था, इसे बीटिंग रिट्रीट कहा जाता है। भारत की बीटिंग रिट्रीट भी उसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है जिसके अनुसार सूर्यास्त के समय सैनिक युद्ध बंद कर देते हैं। दिल्ली में बीटिंग रिट्रीट के दिन शाम को 6.15 बजे बिगुल बजाकर राष्ट्रीय ध्वज को झुका दिया जाता है और संगीतमय धुन में राष्ट्रगान गाया जाता है।

भारत में बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। तब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट ने इस सेरेमनी को सेनाओं के बैंड्स के डिस्प्ले के साथ पूरा किया था। समारोह में राष्ट्रपति बतौर चीफ गेस्ट शामिल होते हैं।

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विजय चौक पर राष्ट्रपति के आते ही उन्हें नेशनल सैल्यूट दिया जाता है। इसी दौरान राष्ट्रगान जन गण मन होता है। तिरंगा फहराया जाता है। थल सेना, वायु सेना और नौसेना, तीनों के बैंड मिलकर पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं।

बैंड वादन के बाद रिट्रीट का बिगुल वादन होता है। इस दौरान बैंड मास्‍टर राष्‍ट्रपति के पास जाते हैं और बैंड वापस ले जाने की इजाजत मांगते हैं। इसका मतलब ये होता है कि 26 जनवरी का समारोह पूरा हो गया है और बैंड मार्च वापस जाते समय लोकप्रिय धुन सारे जहां से अच्‍छा बजाते हैं।

इस बार बीटिंग रिट्रीट में क्या खास

इस बार बीटिंग रिट्रीट में भारतीय सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के बैंड वंदे मातरम्, कदम कदम बढ़ाए जा, विजय भारत, सितारे हिंद और ब्रेव वारियर गीत सहित कई मधुर गीतों की धुनें प्रस्तुत करेंगे जो राष्ट्र गीत के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी होगा। पाइप और ड्रम बैंड द्वारा अतुल्य भारत, वीर सैनिक, मिली झूली, नृत्य सरिता, मरूनी और झेलम जैसी मधुर धुनें प्रस्तुत की जायेंगी।

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इस वर्ष समारोह के लिए विजय चौक पर बैठने के स्थानों का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों जैसे बांसुरी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सरिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा के नाम पर रखा गया है। कर्तव्य पथ पर इस वर्ष आयोजित औपचारिक परेड और इससे संबंधित अन्य समारोहों का प्रमुख विषय राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ है। रस्मी परेड के निमंत्रण कार्डों पर गीत की 150वीं वर्षगांठ का लोगो, बंकिम चंद्र चटर्जी की एक छवि और 'वंदे मातरम' का वाटरमार्क अंकित है। बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए जारी किए गए निमंत्रण कार्डों पर भी लोगो और स्मृति चिन्ह अंकित हैं।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड विजय भारत, हथरोही, जय हो और वीर सिपाही की धुनें बजाएंगे। वायु सेना के बैंड द्वारा बजाई जाने वाली धुनों में ब्रेव वॉरियर, ट्वाइलाइट, अलर्ट और फ्लाइंग स्टार शामिल होंगी, जबकि नौसेना का बैंड नमस्ते, सागर पवन, मातृभूमि, तेजस्वी और जय भारती बजाएगा। इसके बाद सेना का बैंड विजयी भारत, आरंभ है, प्रचंड है, ऐ वतन, ऐ वतन, आनंद मठ, सुगम्य भारत और सितारे हिंद बजाएगा। अन्य बैंड भी प्रस्तुतियां देंगे।

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