ayush pandey uppcs success story 10 rank sdm amethi up news पिता की मौत ने तोड़ा परिवार, मां ने नहीं टूटने दिए सपने... अब UPPCS में 10वीं रैंक लाकर SDM बने आयुष पांडेय, Career Hindi News - Hindustan
More

पिता की मौत ने तोड़ा परिवार, मां ने नहीं टूटने दिए सपने... अब UPPCS में 10वीं रैंक लाकर SDM बने आयुष पांडेय

अमेठी के आयुष पांडेय ने UPPCS 2024 में 10वीं रैंक हासिल कर SDM बनने का सपना पूरा किया। पिता की मौत, आर्थिक मुश्किलों और संघर्षों के बीच मां के त्याग और अपनी मेहनत से उन्होंने सफलता हासिल की।

Sun, 17 May 2026 03:35 PMHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share
पिता की मौत ने तोड़ा परिवार, मां ने नहीं टूटने दिए सपने... अब UPPCS में 10वीं रैंक लाकर SDM बने आयुष पांडेय

कुछ कहानियां सिर्फ सफलता की नहीं होतीं, बल्कि उन जख्मों की भी होती हैं जिन्हें इंसान चुपचाप सहकर अपने सपनों को जिंदा रखता है। उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले आयुष पांडेय की कहानी भी ऐसी ही है। आज लोग उन्हें UPPCS 2024 में 10वीं रैंक हासिल करने वाले अफसर के रूप में जानते हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे वर्षों का संघर्ष, दर्द और लगातार मेहनत छिपी हुई है। साल 2010 में आयुष की जिंदगी अचानक बदल गई थी। उस समय वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी एक सड़क हादसे में उनके पिता की मौत हो गई। पिता के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह का संकट खड़ा हो गया।

मां बनीं परिवार की सबसे बड़ी ताकत

पिता के निधन के बाद आयुष की मां वंदना पांडेय ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। वह पेशे से स्कूल टीचर थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने दोनों बेटों की पढ़ाई रुकने नहीं दी। उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया, लेकिन बच्चों के सपनों के आगे हालात को कभी दीवार नहीं बनने दिया। मां की यही मेहनत और त्याग आगे चलकर आयुष की सबसे बड़ी ताकत बन गया। आयुष अक्सर पढ़ाई के दौरान कठिन परिस्थितियों से गुजरते रहे, लेकिन मां का संघर्ष उन्हें हर बार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।

प्रयागराज से गाजियाबाद तक पढ़ाई का सफर

आयुष ने अपनी शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज में पूरी की। पढ़ाई में हमेशा अच्छे रहे आयुष ने आगे चलकर गाजियाबाद से बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने आरामदायक करियर चुनने के बजाय प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया। इसके लिए वह दिल्ली पहुंचे और UPPCS की तैयारी शुरू की। दिल्ली में तैयारी के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। कभी रिजल्ट का दबाव, कभी असफलता का डर और कभी भविष्य की चिंता, लेकिन उन्होंने अपना फोकस नहीं खोया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अग्निवीर की सैलरी कितनी होती है? 4 साल बाद मिलता है 10 लाख का सेवा निधि पैकेज

लगातार मेहनत ने दिलाई बड़ी कामयाबी

सिविल सेवा की तैयारी आसान नहीं मानी जाती। इसमें धैर्य, अनुशासन और लगातार मेहनत की जरूरत होती है। आयुष ने भी इसी रास्ते पर खुद को मजबूत बनाए रखा। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPPCS 2024 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल कर ली। इस शानदार सफलता के साथ उनका चयन सब डिविजनल मजिस्ट्रेट यानी SDM पद पर हुआ। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं थी, बल्कि उस परिवार की जीत थी जिसने कठिन हालात के बावजूद उम्मीद नहीं छोड़ी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:CBSE ने छात्रों को दी बड़ी राहत, अब कॉपी दोबारा जांच करवाना हुआ बेहद सस्ता

छोटे भाई ने भी बढ़ाया परिवार का मान

आयुष के परिवार की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। उनके छोटे भाई पीयूष पांडेय भी भारतीय रेलवे में इंजीनियर के पद पर काम कर रहे हैं। दोनों बेटों की सफलता ने मां वंदना पांडेय के संघर्ष को सार्थक बना दिया। आज यह परिवार उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है जो मुश्किल हालात में अपने सपनों को टूटता हुआ महसूस करते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:UPSC Tips: विकास दिव्यकीर्ति सर ने बताया पहली बार में IAS बनने का फॉर्मूला

युवाओं के लिए मिसाल बनी आयुष की कहानी

आयुष पांडेय की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है। यह उस मां के त्याग की कहानी है जिसने अकेले परिवार संभाला, उस बेटे की कहानी है जिसने हालात के सामने हार नहीं मानी और उस भरोसे की कहानी है जो शिक्षा और मेहनत इंसान को देती है। उनकी सफलता यह बताती है कि जिंदगी चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, अगर इंसान लगातार मेहनत करता रहे और अपने लक्ष्य पर डटा रहे, तो एक दिन मंजिल जरूर मिलती है।

करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।