अंग्रेजी में 100 में से 57 अंक थे, फिर भी बड़ी कंपनियां मुझे बुलाती हैं, अंकुर वारिकू की CBSE 12वीं मार्कशीट चर्चा में
जाने माने कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने अपनी 12वीं की मार्कशीट शेयर कर छात्रों को मैसेज दिया है कि एक परीक्षा का परिणाम उनके पूरे करियर को तय नहीं करता। उन्हें 12वीं में अंग्रेजी में सिर्फ 57 अंक मिले थे।

मशहूर कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रेन्योर अंकुर वारिकू की 12वीं क्लास की मार्कशीट इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, प्रवेश परीक्षा और एडमिशन सीजन के बीच उन्होंने हाल ही में इसे शेयर किया। इस पोस्ट में वारिकू ने अपने एकेडमिक स्कोर के बारे में बात की और स्टूडेंट्स से कहा कि वे सिर्फ एक मार्कशीट के आधार पर अपने भविष्य का फैसला न करें। उन्होंने लिखा, 'हर साल जब 12वीं क्लास के बोर्ड रिजल्ट आते हैं, तो मैं भी अपनी 12वीं क्लास की मार्कशीट शेयर करता हूं।' वारिकू ने कहा कि कई स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा की तैयारी में महीनों बिताते हैं और अगर रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक न हों, तो उन्हें निराशा होती है।
उन्होंने लिखा, 'यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने महीनों तक दिन-रात तैयारी की, लेकिन मार्कशीट ने उन्हें बताया कि यह काफी नहीं था। उन लोगों के लिए जो आगे क्या होगा, इसे लेकर निराश महसूस करते हैं।'
अंग्रेजी में मिले सिर्फ 57 नंबर
अपना अनुभव शेयर करते हुए वारिकू ने बताया कि उन्हें 12वीं क्लास में इंग्लिश में 100 में से 57 मार्क्स मिले थे। उन्होंने कहा कि इस स्कोर के बावजूद उन्हें अब दुनिया भर की बड़ी कंपनियों और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन से कर्मचारियों और स्टूडेंट्स को संबोधित करने के लिए लगातार न्योते मिलते हैं।
उन्होंने लिखा, 'मुझे अपनी 12वीं क्लास में इंग्लिश में 57 मार्क्स मिले थे। आज दुनिया भर की टॉप कंपनियां और कॉलेज मुझे अपने कर्मचारियों और स्टूडेंट्स को संबोधित करने के लिए बुलाते हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि अधिक मार्क्स हमेशा किसी व्यक्ति के भविष्य के करियर का रास्ता तय नहीं करते हैं। वारिकू के अनुसार उन्हें केमिस्ट्री में 93 मार्क्स मिले थे, लेकिन उन्होंने बाद में कभी इस सब्जेक्ट को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें फिजिक्स में 87 मार्क्स मिले और उन्होंने इसे आगे पढ़ा, लेकिन उनका करियर आखिरकार बिल्कुल अलग दिशा में चला गया।
मार्कशीट एक छोटी समय का प्रदर्शन दिखाती है
वारिकू का कहना है कि मार्कशीट सिर्फ एक सीमित समय में किए गए परफॉर्मेंस को दिखाती है और किसी व्यक्ति की लंबे समय की क्षमताओं को नहीं मापती है। उन्होंने लिखा, 'मार्कशीट तीन घंटे की याददाश्त को दिखाती है। यह जीवन भर की क्षमता के बारे में कुछ नहीं बताती है।'
एंटरप्रेन्योर ने स्टूडेंट्स को दूसरों से तुलना करने के बजाय पर्सनल ग्रोथ पर ध्यान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सफलता दुनिया के साथ कोई रेस नहीं है, बल्कि एक व्यक्तिगत सफर है। उन्होंने लिखा, 'दुनिया आपको बताएगी कि आपकी रेस दुनिया के साथ है। कोई रेस नहीं है। यह बस आपका अपना रास्ता है।" 2023 में एक ऐसी ही पोस्ट में वारिकू ने कहा, 'मुझे याद है कि मैं बहुत निराश महसूस कर रहा था। मुझे लगा कि मैं नाकाम हो गया हूं। मैं दो दिन तक रोया। ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो। लेकिन पता है क्या? ऐसा नहीं था। मैं आज यहां हूं।'
कौन हैं अंकुर वारिकू?
यूट्यूब पर फाइनेंशियल एडवाइस हो या लाइफ हैक्स, अंकुर वारिकू का नाम काफी पॉपुलर है। अंकुर वारिकू भारत के डिजिटल एजुकेशन और कंटेंट क्रिएशन स्पेस का बड़ा नाम माने जाते हैं। उन्होंने फिजिक्स की पढ़ाई की और अमेरिका में पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़कर स्टार्टअप दुनिया में कदम रखा। वे Groupon इंडिया के फाउंडिंग CEO रह चुके हैं। बाद में उन्होंने nearbuy.com को भी आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
2019 के बाद उन्होंने कंटेंट क्रिएशन और ऑनलाइन एजुकेशन पर फोकस करना शुरू किया। अपने प्लेटफॉर्म WebVeda के जरिए वह लोगों को पर्सनल फाइनेंस, करियर ग्रोथ, उद्यमिता और लाइफ स्किल्स जैसे विषय आसान भाषा में सिखाने लगे। धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। आज उनके यूट्यूब पर 70 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स, X पर करीब 7 लाख और इंस्टाग्राम पर लगभग 40 लाख फॉलोअर्स हैं।




साइन इन