Zerodha Nithin Kamath says he doesnt use net banking apps calls access to SMS contacts invasive अपने फोन में नेट बैंकिंग ऐप्स क्यों नहीं यूज करते जेरोधा के मालिक? खुद बता दिया, Business Hindi News - Hindustan
More

अपने फोन में नेट बैंकिंग ऐप्स क्यों नहीं यूज करते जेरोधा के मालिक? खुद बता दिया

सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने लिखा- मैं अपने फोन पर नेट बैंकिंग ऐप्स का उपयोग नहीं करता क्योंकि वे जो अनिवार्य परमिशन मांगते हैं, उनका कोई मतलब नहीं है। 

Thu, 19 March 2026 09:59 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
अपने फोन में नेट बैंकिंग ऐप्स क्यों नहीं यूज करते जेरोधा के मालिक? खुद बता दिया

जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने नेट बैंकिंग ऐप्स द्वारा यूजर्स के स्मार्टफोन पर मांगी जाने वाली परमिशन की आलोचना की है। कामथ के मुताबिक वह इसी कारण खुद अपने फोन में नेट बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल नहीं करते हैं। सोशल मीडिया X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कामथ ने लिखा- मैं अपने फोन पर नेट बैंकिंग ऐप्स का उपयोग नहीं करता क्योंकि वे जो अनिवार्य परमिशन मांगते हैं, उनका कोई मतलब नहीं है। कामथ ने आगे सवाल उठाया कि बैंकिंग ऐप्स सुरक्षा के बहाने SMS, कॉल लॉग और कॉन्टैक्ट्स जैसे संवेदनशील पर्सनल डेटा का एक्सेस मांगते हैं।

गलत है इस तरह की दखलंदाजी

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह की दखलंदाजी वाली डिवाइस परमिशन से बचना ही साइबर सुरक्षा का वैश्विक मानक है। उन्होंने प्रिंसिपल ऑफ लिस्ट प्रीविलेज (PoLP) का जिक्र करते हुए बताया कि किसी भी ऐप को सिर्फ उतनी ही परमिशन मिलनी चाहिए जितनी उसके काम के लिए जरूरी हो। 46 वर्षीय नितिन कामथ ने कहा कि नेट बैंकिंग ऐप्स द्वारा मांगी जाने वाली ये अनिवार्य अनुमतियां सरासर गलत हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर में डेटा सुरक्षा के लिए कम से कम एक्सेस देने की बात की जाती है, तो बैंकिंग ऐप्स को इतनी ज्यादा परमिशन की जरूरत क्यों पड़ती है? यह समझ से परे है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बाजार के भूचाल की चपेट में अडानी का यह शेयर, गिरावट ऐसी कि 50 रुपये पर आया भाव

जेरोधा का अलग मॉडल

कामथ ने अपनी कंपनी के मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि Kite ऐप मोबाइल पर किसी भी तरह की परमिशन नहीं मांगता। उन्होंने कहा- हमारी फिलॉसफी है कि जो आप अपने साथ नहीं चाहते, वह दूसरों के साथ न करें। इसी सोच के तहत कंपनी यूजर डेटा के मामले में कम से कम एक्सेस मांगती है और ट्रांसपेरेंसी भी है। कामथ ने यह भी बताया कि भारत में SEBI द्वारा लागू मजबूत टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) फ्रेमवर्क के कारण सिक्योरिटी और प्राइवेसी के बीच संतुलन बनाना संभव हुआ है। इससे बिना अनावश्यक परमिशन के भी यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:HDFC से पंजाब नेशनल बैंक तक… 1 अप्रैल से बदलने वाले हैं ATM से जुड़े नियम

डेटा प्राइवेसी पर स्पष्ट नीति

कामथ ने जेरोधा के एक सपोर्ट पेज का लिंक भी शेयर किया, जिसमें कंपनी की डेटा उपयोग संबंधी नीतियों की जानकारी दी गई है। सपोर्ट पेज पर लिखा है- हमारे मोबाइल ऐप्स केवल उन्हीं अनुमतियों की मांग करते हैं जो उनके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:रामदेव की कंपनी के शेयर में आएगा बड़ा उछाल? 52 हफ्ते के लो पर है भाव

ग्राहकों के व्यवहार की किसी भी प्रकार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष ट्रैकिंग या प्रोफाइलिंग नहीं की जाती है। पेज में यह भी बताया गया है कि जेरोधा अपने यूजर्स के व्यवहार की ट्रैकिंग और प्रोफाइलिंग के लिए किसी भी थर्ड पार्टी मार्केटिंग “पिक्सेल” या ट्रैकर का उपयोग नहीं करता है और न ही किसी थर्ड पार्टी ट्रैकर के माध्यम से इंटरनेट पर ग्राहकों का पीछा करता है। इसमें यह भी बताया गया है कि कंपनी यूजर्स को लुभाने के लिए लगातार पुश नोटिफिकेशन, यूआई डार्क पैटर्न या अन्य किसी तरह के हथकंडे नहीं अपनाती है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,