ट्रांजैक्शन से जुड़े फ्रॉड पर यस बैंक का एक्शन, शेयर में हलचल, ₹21 पर भाव
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले के बाद अब प्राइवेट सेक्टर का यस बैंक एक्शन मोड में आ गया है। बैंक ने मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड सेवा में असामान्य ट्रांजैक्शन गिरावट के बाद अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

Yes Bank share price: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले के बाद अब प्राइवेट सेक्टर का यस बैंक एक्शन मोड में आ गया है। दरअसल, बैंक ने मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड सेवा में असामान्य ट्रांजैक्शन गिरावट के बाद अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इस बीच, बैंक के शेयर गुरुवार को डिमांड में आ गए और इसकी कीमत 20.74 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 21.24 रुपये तक पहुंच गई।
क्या है मामला?
यस बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि BookMyForex के साथ साझेदारी वाले कार्ड के कुछ विशेष BIN नंबरों पर अनधिकृत ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन की कोशिशें हुईं, जिन्हें फ्रॉड मॉनिटरिंग सिस्टम ने अलर्ट के जरिए पकड़ा। यह ट्रांजैक्शन 24 फरवरी 2026 की तड़के 3:30 बजे से 8:30 बजे (IST) के बीच लैटिन अमेरिका के एक देश में हुए।
बैंक के मुताबिक 15 मर्चेंट्स पर ये संदिग्ध ट्रांजैक्शन किए गए। संबंधित देश में ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य नहीं है। एहतियातन बैंक ने उस देश से होने वाले ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी है।
क्या है जांच में?
बैंक की आंतरिक जांच में सामने आया कि घटना के दौरान करीब 5,000 ग्राहकों की ओर से लगभग 0.28 मिलियन डॉलर के ट्रांजैक्शन मंजूर हुए। हालांकि, मॉनिटरिंग और कंट्रोल सिस्टम की वजह से 688 अनधिकृत प्रयासों को खारिज कर लगभग 0.1 मिलियन डॉलर की संभावित हानि टाली गई। यस बैंक के मुताबिक निगरानी प्रोटोकॉल और कड़े कर दिए गए हैं तथा कुछ विदेशी ई-कॉमर्स लेनदेन अस्थायी रूप से प्रतिबंधित हैं। वहीं, कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर चार्जबैक प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि प्रभावित ग्राहकों के वित्तीय नुकसान की भरपाई की जा सके।
ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई ने डेटा लीक के मूल कारण, घटनाक्रम और बैंक के साइबर सुरक्षा ढांचे की पर्याप्तता पर विस्तृत जानकारी मांगी है। केंद्रीय बैंक ने आंतरिक जवाबदेही, रिपोर्टिंग समयसीमा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी मांगी है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुआ है फ्रॉड
बता दें कि आईडीएफसी बैंक ने हरियाणा सरकार के खातों में उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा की गई 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था। इसके बाद, हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य षड्यंत्रकर्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से दो लोग आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी और दो अन्य एक साझेदार कंपनी के मालिक हैं।




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