ACC से जेके तक सीमेंट कंपनियों के शेयर पर यह ब्रोक्रेज फर्म क्यों है फिदा?
Cement Stocks: ब्रोक्रेज फर्म प्रभुदासलीलाधर सीमेंट कंपनियों के शेयरों को लेकर बुलिश है। इसने अल्ट्राटेक सीमेंट, जेके सीमेंट, अंबुजा सीमेंट को टॉप पिक्स बताया है। जानें क्या हैं शेयर प्राइस टार्गेट…

भारत का सीमेंट सेक्टर वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करता दिख रहा है। एक प्रभुदासलीलाधर की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कंपनियों की इनकम, मुनाफा और वॉल्यूम में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, बढ़ती लागत खासकर पेट कोक और अन्य इनपुट खर्च मुनाफे पर दबाव बना सकते हैं।
किन कंपनियों पर लगाएं दांव
प्रभुदासलीलाधर ने अल्ट्राटेक सीमेंट, जेके सीमेंट, अंबुजा सीमेंट को टॉप पिक्स बताया है। इन कंपनियों को मजबूत डिमांड, बेहतर प्राइसिंग पावर और लागत नियंत्रण का फायदा मिलने की उम्मीद है।
किसका कितना टार्गेट प्राइस
ब्रोक्रेरेज फर्म सीमेंट कंपनियों के शेयरों को लेकर बुलिश है। इसने एसीसी का टार्गेट प्राइस 2188 रुपये दिया है, जो पिछले बंद से करीब 57 प्रतिशत ऊपर है। वहीं, अंबुजा सीमेंट का टार्गेट प्राइस 598 रुपये रखा है। यह अपने पिछले बंद से करीब 37 प्रतिशत अधिक है। वहीं, जेके लक्ष्मी सीमेंट का टार्गेट प्राइस इसने 751 रुपये दिया है। यह पिछले बंद की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। श्रीसीमेंट का टार्गेट प्राइस इसने 27370 रुपये दिया है। यह भी करी 14 पर्सेंट ऊपर है। जेएसडब्ल्यू सीमेंट का टार्गेट प्राइस 142 रुपये और जेके सीमेंट का 6017 रुपये दिया है।
डिमांड में सुधार से कंपनियों को मिला बड़ा सहारा
रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों के बाद निर्माण गतिविधियों में तेजी, ग्रामीण मांग में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ने से सीमेंट की मांग मजबूत हुई है। इसका असर कंपनियों के वॉल्यूम ग्रोथ पर साफ दिखेगा, जो सालाना आधार पर करीब 7-9% तक बढ़ सकता है। विशेष रूप से दक्षिण और पश्चिम भारत में मांग ज्यादा मजबूत रही, जबकि पूर्व और मध्य क्षेत्रों में रिकवरी धीरे-धीरे हो रही है।
Q4 में रेवेन्यू और मुनाफे में जबरदस्त उछाल का अनुमान
प्रभुदासलीलाधर के विश्लेषकों का अनुमान है कि सीमेंट कंपनियों का रेवेन्यू तिमाही आधार पर करीब 14% बढ़ सकता है। वहीं EBITDA में 27% और मुनाफे (PAT) में करीब 52% तक उछाल संभव है। यह बढ़त मुख्य रूप से बेहतर कीमतों और मजबूत डिमांड के कारण आएगी, हालांकि सालाना आधार पर मुनाफे में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
कीमतों में सुधार, लेकिन मार्च में दिखी अस्थिरता
तिमाही के दौरान सीमेंट की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जनवरी में कीमतों में सुधार हुआ, लेकिन फरवरी-मार्च में कंपनियों ने वॉल्यूम बढ़ाने के लिए कुछ कटौती भी की। रिपोर्ट के मुताबिक, Q4 में कीमतों में लगभग 1-1.5% की बढ़त संभव है, जिससे कंपनियों की कमाई को सहारा मिलेगा।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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