SpiceJet के शेयरों में लगातार तीसरे दिन भी अपर सर्किट, इस उड़ान के पीछे क्या है वजह?
SpiceJet Share Price: स्पाइसजेट के शेयर 3 दिन से लगातार उड़ान भर रहे हैं। इस दौरान शेयर 15.6% तक बढ़ चुका है। हालांकि, मौजूदा तेजी को लेकर एक्सपर्ट्स इसे मजबूत फंडामेंटल नहीं, बल्कि सट्टेबाजी से जुड़ा मूव मान रहे हैं।
SpiceJet Share Price: एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) के शेयरों में शुक्रवार को अपर सर्किट लगा है। यह लगातार तीसरा दिन है, जब इस शेयर में अपर सर्किट लगा है। हालांकि, शुरुआती कारोबार में 12 रुपये पर खुलने के बाद गिरकर 11.30 रुपये पर आ गया। यह गिरावट तब आई जब मीडिया रिपोर्ट्स में एक खबर आई कि यूके की एक अदालत ने कंपनी को करीब 8 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है।
शुक्रवार की शुरुआती ट्रेडिंग में स्पाइसजेट के शेयर करीब 2% से अधिक गिरकर ₹11.30 तक आ गए, लेकिन 9:40 बजे शेयर ने ऐसा टेकऑफ किया की 5 पर्सेंट उछलकर 12.27 रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले भी इसमें लगातार दो दिनों तक जोरदार तेजी देखी गई थी और यह अपर सर्किट में बंद हुआ था।
स्पाइजेसजेट शेयर प्राइस ट्रेंड
3 सत्रों में स्टॉक 15.6% तक बढ़ चुका है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्च 2026 में स्टॉक 39% से अधिक गिर गया। वहीं, पिछले 5 दिन से यह शेयर लगतार उड़ान भर रहा है। इस अवधि में इसने 18 प्रतिशत की ऊंची छलांग लगाई है। हालांकि, पिछले एक महीने में इसने अपने निवेशकों को निराश करते हुए 10 प्रतिशत से अधिक का निगेटिव रिटर्न भी दिया है।
पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को 72 प्रतिशत से अधिक का झटका दिया है। छह महीने के प्रदर्शन की बात करें तो यह शेयर करीब 65 प्रतिशत गिर चुका है। स्पाइसजेट शेयर का 52 हफ्ते का हाई 56.80 रुपये और निचला स्तर 9.53 रुपये है।
स्पाइसजेट के कैसे रहे तिमाही नतीजे
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, स्पाइसजेट ने 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में घाटे में वापसी की सूचना दी। इसमें कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर 261 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 20.4 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। घाटे के बावजूद रेवन्यू ऑपरेशन साल-दर-साल 13.8% बढ़कर 1,237 करोड़ रुपये से 1,408 करोड़ रुपये हो गया।
एनालिस्ट क्यों हैं चिंतित
SpiceJet को लेकर एनालिस्ट्स की चिंता लगातार बढ़ रही है। ऑडिटर को अगले एक साल तक कारोबार जारी रखने की क्षमता पर संदेह है। कंपनी पर भारी कर्ज है और डेब्ट-टू-इक्विटी रेशियो करीब -22.51 बताया जा रहा है, जो संकेत देता है कि कंपनी की नेटवर्थ लगभग खत्म हो चुकी है। इसके अलावा, यूके कोर्ट का हालिया 8 मिलियन डॉलर के आदेश भी कानूनी दबाव को और बढ़ाता है। पहले से ही लीज विवाद और भुगतान चूक की लंबी हिस्ट्री रही है। ऐसे में ज्यादातर विश्लेषक इस शेयर को ‘Sell’ या ‘Hold’ की रेटिंग दे रहे हैं और औसत 12 महीने का टार्गेट करीब ₹13.15 बता रहे हैं
तो पिछले 5 दिन से तेजी क्यों है
मौजूदा तेजी को लेकर एक्सपर्ट्स इसे मजबूत फंडामेंटल नहीं, बल्कि सट्टेबाजी से जुड़ा मूव मान रहे हैं। कंपनी पर बढ़ता कर्ज, घटती बाजार हिस्सेदारी, कानूनी चुनौतियां और ऑडिटर की चेतावनी भविष्य को मुश्किल बनाती हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए जोखिम काफी ज्यादा है और शेयर में अचानक गिरावट की आशंका बनी हुई है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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