कौन थे सोम सोमशेखर, जिनके निधन से स्तब्ध है सिलिकॉन वैली, सत्या नडेला ने दी श्रद्धांजलि
सोमशेखर वर्ष 1989 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और लगभग 27 वर्षों तक कंपनी में रहे। उन्होंने विंडोज के 8 एडिशन के डेवलपमेंट में योगदान दिया, जिसमें विंडोज एनटी ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम भी शामिल था।

भारतीय मूल के प्रसिद्ध टेक एक्सपर्ट सोम सोमशेखर का 59 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व कार्यकारी और मैड्रोना वेंचर ग्रुप के प्रबंध निदेशक थे। उनके निधन से वैश्विक टेक्नोलॉजी उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। सिएटल स्थित वेंचर कैपिटल फर्म ने मंगलवार, 19 मई को उनके निधन की पुष्टि की और उन्हें एक ऐसा नेता बताया जिसकी "ब्रिलिएंस एंड जेनेरस स्प्रिट" ने कलिग्स, उद्यमियों और डेवलपर्स पर गहरी छाप छोड़ी।
कौन थे सोम सोमशेखर?
सोमशेखर का जन्म पुडुचेरी में हुआ था। उन्होंने टेक्नोलॉजी सेक्टर में लगभग तीन दशकों का शानदार करियर बनाया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम इंजीनियरिंग में अन्ना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की। अन्ना विश्वविद्यालय ने उन्हें मानद डॉक्टरेट से भी सम्मानित किया था। वर्ष 2008 में उन्हें एशियाई अमेरिकी इंजीनियर ऑफ द ईयर पुरस्कार से नवाजा गया था।
माइक्रोसॉफ्ट में योगदान
सोमशेखर वर्ष 1989 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और लगभग 27 वर्षों तक कंपनी में रहे। उन्होंने विंडोज के आठ एडिशन के डेवलपमेंट में योगदान दिया, जिसमें विंडोज एनटी ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम भी शामिल था। समय के साथ वह माइक्रोसॉफ्ट के डेवलपर डिवीजन के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट बने, जहां उन्होंने विजुअल स्टूडियो और .NET फ्रेमवर्क जैसे प्रमुख प्लेटफार्मों की देखरेख की।
वह कंपनी के ओपन-सोर्स सर्वर टेक्नोलॉजी और क्लाउड-आधारित डेवलपर इकोसिस्टम की दिशा में प्रयासों से भी जुड़े थे। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका के बाहर हैदराबाद, चीन, इजराइल और बोस्टन में माइक्रोसॉफ्ट के ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटरों के विस्तार में अहम भूमिका निभाई।
माइक्रोसॉफ्ट के बाद का सफर
वर्ष 2015 में माइक्रोसॉफ्ट छोड़ने के बाद वह मैड्रोना वेंचर ग्रुप में प्रबंध निदेशक बने। यहां उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी में निवेश पर ध्यान केंद्रित किया। वह अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप्स में सक्रिय एंजल निवेशक भी थे।
सिलिकॉन वैली से श्रद्धांजलियों का तांता
टेक्नोलॉजी जगत के लीडर्स और पूर्व सहयोगियों ने सोमशेखर को एक ऐसे गुरु के रूप में याद किया जिसने अनगिनत करियर को आकार दिया। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने इस नुकसान को "बहुत व्यक्तिगत" बताते हुए डेवलपर इकोसिस्टम पर उनके प्रभाव को रेखांकित किया।
चेन्नई में जन्मे उद्यमी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने सोशल मीडिया पर लिखा, "सोम का आर्थी और मुझ पर कितना प्रभाव था, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।" माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व कार्यकारी स्टीवन सिनोफस्की ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "माइक्रोसॉफ्ट और वहां की संस्कृति में उनका योगदान उतना ही शानदार था, जितनी उनसे मार्गदर्शन पाने वाली पीढ़ियों के बीच उनकी प्रशंसा और सम्मान था। ॐ शांति, सोमा।"




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