क्या है STT? शेयर बाजार में इसी वजह से मचा है हाहाकार, बजट में ऐसा क्या हुआ ऐलान
Budget 2026: बजट 2026 में STT में बढ़ोतरी के ऐलान का असर शेयर बाजारों पर साफ देखने का मिला रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी का बुरा हाल है। हर तरफ भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। सेंसेक्स आज दिन में 2300 से अधिक अंक टूट तक गया था। आइए जानते हैं कि क्या है STT?

Budget 2026: बजट 2026 में STT में बढ़ोतरी के ऐलान का असर शेयर बाजारों पर साफ देखने का मिला रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी का बुरा हाल है। हर तरफ भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। सेंसेक्स आज दिन में 2300 से अधिक अंक टूट तक गया था। आइए जानते हैं कि क्या है STT?
क्या है STT? इसका निवेशकों पर कैसे असर
एसटीटी, सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को कहा जाता है। जब भी कोई निवेशक शेयरों को शेयरों को, म्यूचुअल फंड्स की कोई या डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को बेचता और खरीदता है तो उससे एक छोटा सा चार्ज हर एक ट्रांजैक्शन पर देना होता है। इसे ही STT कहते हैं। इसका मकसद कैपिटल गेन्स पर टैक्स चोरी को रोकना है। बता दें, एसटीटी की शुरुआत 2004 में हुई थी।
इस बार के बजट में STT को लेकर क्या ऐलान हुआ है?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को बढ़ा दिया है। फ्यूचर्स पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस को 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस पर STT को 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया है। बता दें, फ्यूचर्स पर STT में 150 प्रतिशत और ऑप्शंस में 50 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
जब एसटीटी को जब शुरू किया गया था तब इसका मकसद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स रिप्लेस करना, टैक्स कलेक्शन को आसाना बनाना और डेरिवेटिव्स ट्रेड में टैक्स चोरी को रोकना था।
शेयर बाजार में मचा हाहाकार
सेंसेक्स आज 1 फरवरी को 82388.97 अंक पर खुला था। दिन में बीएसई 2300 से अधिक अंक टूटकर 79,899.42 अंक के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद सेंसेक्स में रिकवरी देखने को मिली। निफ्टी में भी आज बिकवाली देखने को मिल रही है। एक वक्त पर निफ्टी आज दिन में 24571.75 अंक तक टूट गया था।




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