आज पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर के क्या हैं रेट, घर से निकलने से पहले करें चेक
LPG, Petrol, Diesel Rates Today: ईरान-इजरायल युद्ध के चलते कच्चे तेल के रेट में आग लगी हुई है। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर पर पहुंच गया है। इस बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भी पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दी हैं। एलपीजी से लेकर तेल तक के आज के क्या हैं रेट, यहां देखें..

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल है। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। डब्ल्यूटीआई भी 107 डॉलर के पार है। इस बीच राहत की बात यह है कि आज भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ाए हैं। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंपों पर पेट्रोल की आज रिटेल कीमत ₹94.77 और डीजल 87.67 रुपये लीटर है।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक ब्रेंट क्रूड की कीमत 16.55 प्रतिशत उछलकर 108.03 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 18 प्रतिशत से अधिक उछलकर 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। बता दें क्रूड में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी से सालाना आयात बिल में लगभग 2 अरब डॉलर का इजाफा होता है।
आज एलपीजी के क्या हैं रेट
ईरान-इजरायल युद्ध के चलते अभी पिछले हफ्ते LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर के रेट 115 रुपये तक बढ़े। दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1883 रुपये में मिल रहा है। जबकि घरेलू सिलेंडर 913 रुपये में। कोलकाता में कॉमर्शियल सिलेंडर 1875.50 रुपये का और घरेलू 939 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर 1835 रुपये जबकि घरेलू सिलेंडर के रेट आज 912.50 रुपये है। चेन्नई में आज कॉमर्शियल सिलेंडर 2043.50 रुपये का है और घरेलू 928.50 रुपये का।
भारत के पास कितने दिन का तेल भंडार
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनी हुई है। एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार देश के पास फिलहाल 25 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार मौजूद है, जो लगभग 4,000 करोड़ लीटर ईंधन के बराबर है। यह भंडार देश की जरूरतों को करीब 7 से 8 सप्ताह तक पूरा करने में सक्षम है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह भंडार कई जगहों पर सुरक्षित रखा गया है। इसमें मैंगलोर, पाडुर और विशाखापत्तनम में बने भूमिगत रणनीतिक तेल भंडार शामिल हैं। इसके अलावा जमीन पर बने बड़े टैंक, पाइपलाइन नेटवर्क और समुद्र में मौजूद जहाजों में भी तेल का स्टॉक रखा जाता है। इस व्यवस्था की वजह से अगर किसी एक सप्लाई चैन में दिक्कत आती है तो देश की ईंधन आपूर्ति प्रभावित नहीं होती।
कई देशों से खरीदारी
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा खरीद की रणनीति को भी काफी बदल दिया है। पहले भारत करीब 27 देशों से तेल आयात करता था, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 40 देशों तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की तेल खरीद पूरी तरह राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय होती है। फरवरी 2026 तक रूस भारत को सबसे ज्यादा कच्चा तेल सप्लाई करने वाला देश बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने कभी भी किसी देश की अनुमति पर निर्भर होकर रूसी तेल नहीं खरीदा।
अन्य जलमार्गों से तेल आपूर्ति जारी : हरदीप सिंह पुरी
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में ऊर्जा आयात हॉर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य सभी रास्तों से लगातार जारी है और नागरिकों की जरूरतें पूरी तरह पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों और मार्गों में विविधता लाई है। इसी रणनीति के कारण अगर किसी एक मार्ग में बाधा आती है तो अन्य विकल्पों के जरिए आपूर्ति जारी रखी जा सकती है।
भारत के कुल कच्चे तेल आयात का केवल लगभग 40 प्रतिशत ही हॉर्मुज मार्ग से आता है। बाकी 60 प्रतिशत तेल रूस, पश्चिम अफ्रीका, अमेरिका और मध्य एशिया जैसे क्षेत्रों से अन्य समुद्री मार्गों के जरिए पहुंचता है। उनका कहना है कि इस रणनीति का मकसद यही है कि वैश्विक संकट या युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।
सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचना से सावधान रहें
HP ने उपभोक्ताओं को सोशल मीडिया के जरिए आगाह किया है। उसने एक पोस्ट में कहा है कि सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति के कारण भारत में पेट्रोल और डीज़ल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और लोगों को तुरंत पेट्रोल पंप जाकर अपनी गाड़ियों की टंकी भरवा लेनी चाहिए। यह दावा पूरी तरह भ्रामक और निराधार है।
भारत में कच्चे तेल तथा पेट्रोल, डीजल और एटीएफ सहित सभी प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। देशभर में ईंधन आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अपने विस्तृत रिटेल नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।
नागरिकों से अनुरोध है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
सटीक और प्रमाणित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और स्टॉक की स्थिति पर निरंतर नज़र रखने के लिए मंत्रालय द्वारा 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
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