US and iran war fears among key triggers behind sensex nifty crash investor loss 7 lakh cr rs check detail जंग की आहट...वो बड़े फैक्टर जिससे निवेशकों के ₹7.55 लाख करोड़ डूब गए, Business Hindi News - Hindustan
More

जंग की आहट...वो बड़े फैक्टर जिससे निवेशकों के ₹7.55 लाख करोड़ डूब गए

इस तेज गिरावट से निवेशकों की 7.55 लाख करोड़ रुपये रकम का सफाया हो गया। इस गिरावट की वजह से बीएसई का कुल मार्केट कैपिटल घटकर लगभग 464 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस हाहाकार के बड़े कारण के बारे में जान लेते हैं।

Thu, 19 Feb 2026 05:02 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
जंग की आहट...वो बड़े फैक्टर जिससे निवेशकों के ₹7.55 लाख करोड़ डूब गए

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव वाले माहौल में गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार क्रैश हो गया। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स तीन सत्रों से जारी तेजी पर विराम लगाते हुए 1,236.11 अंक यानी 1.48 प्रतिशत टूटकर 82,498.14 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 365 अंक यानी 1.41 प्रतिशत लुढ़ककर 25,454.35 अंक पर आ गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों की 7.55 लाख करोड़ रुपये रकम का सफाया हो गया। वहीं, बीएसई का कुल मार्केट कैपिटल घटकर लगभग 464 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस हाहाकार के बड़े कारण के बारे में जान लेते हैं।

क्या हैं कारण

-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण बाजार में भूचाल आ गया। सीएनएन की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है कि ईरान परमाणु वार्ताओं में अगर डोनाल्ड ट्रंप की मांगों को लगातार खारिज करता रहा तो अमेरिका उसके खिलाफ जल्द ही सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही अमेरिका ने 50 अतिरिक्त एफ-35, एफ-22 और एफ-16 लड़ाकू विमान क्षेत्र में तैनात किए हैं। इसके अलावा एक और विमानवाहक पोत के क्षेत्र की ओर रवाना होने तथा पहले से सैकड़ों स्ट्राइक, समर्थन और कमांड विमानों की मौजूदगी को देखते हुए यह तैनाती असामान्य मानी जा रही है।

- ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के अधिकारी आपस में बंटे हुए हैं। कुछ तो कह रहे हैं कि अगर महंगाई (इन्फ्लेशन) ऊंची बनी रही तो ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं लेकिन कुछ अधिकारी ब्याज कटौती के पक्ष में हैं लेकिन सिर्फ तभी जब महंगाई सच में नीचे आए। कई लोग चाहते हैं कि दरें अभी कुछ समय के लिए वैसे ही टिकी रहें। ऐसे माहौल में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। निवेशकों में मुनाफावसूली का मूड था। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा।

-गुरुवार को एशियाई बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई। ब्रेंट क्रूड 24 सेंट या 0.3% बढ़कर 70.59 डॉलर प्रति बैरल हो गया जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 28 सेंट या 0.4% बढ़कर 65.47 डॉलर हो गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में 4% से अधिक की वृद्धि हुई थी, जो 30 जनवरी के बाद से उच्चतम स्तर पर थी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा- अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशक धारणा को प्रभावित किया, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। नायर ने कहा कि कच्चे तेल के साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच जाने से मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं बढ़ीं और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते बाजार में अस्थिरता बढ़ी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:देश से नहीं भाग रहे अनिल अंबानी, सुप्रीम कोर्ट में दिया भरोसा
ये भी पढ़ें:52 वीक लो के करीब सुजलॉन के शेयर, अब कहां जाएगा भाव…एक्सपर्ट ने बता दिया
ये भी पढ़ें:चर्चित शेयर का बाउंसबैक, सिर्फ 3 दिन में 35% उछल गया शेयर

इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 प्रतिशत बढ़कर 71.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी तीन प्रतिशत और जापान का निक्की एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग और चीन के बाजार पारंपरिक चंद्र नववर्ष पर अवकाश के चलते बंद रहे।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,