52 वीक लो के करीब सुजलॉन के शेयर, अब कहां जाएगा भाव…एक्सपर्ट ने बता दिया
सुजलॉन एनर्जी के शेयर लगभग एक महीने से अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं। इस साल 27 जनवरी को गिरकर सुजलॉन के शेयर 44.86 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था। अब शेयर का टारगेट प्राइस भी आ गया है।

Suzlon Energy share price: बाजार में बिकवाली के बीच एनर्जी सेक्टर की कंपनी- सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयर 52 वीक लो के करीब पहुंच गए हैं। इस बिकवाली वाले माहौल के बीच अब निवेशकों की नजर इस शेयर के फ्यूचर परफॉर्मेंस पर है। जान लेते हैं कि शेयर किस भाव तक जा सकता है।
अभी क्या है कीमत?
सुजलॉन एनर्जी के शेयर लगभग एक महीने से अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं। इस साल 27 जनवरी को गिरकर सुजलॉन के शेयर 44.86 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था। बता दें कि यह मल्टीबैगर स्टॉक तीन साल में 413% और पांच साल में 860% बढ़ चुका है। वहीं, 2026 में 13% और छह महीने में 24% गिर गया है। पिछले एक साल में सुजलॉन एनर्जी के शेयर 15.60% गिर गए हैं। यह मल्टीबैगर शेयर 30 मई 2025 को 74.30 रुपये के 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। दिसंबर 2025 में इस कंपनी का ऑर्डर बुक बढ़कर 6.2 गीगावाट हो गया है जबकि वित्त वर्ष 2025 के अंत में यह 5.6 गीगावाट था।
टारगेट प्राइस?
बिजनेस टुडे की एक खबर में ब्रोकरेज आनंद राठी के जिगर एस पटेल ने कहा- 44 रुपये पर समर्थन और 48 रुपये पर प्रतिरोध रहेगा। 48 रुपये के स्तर से ऊपर निर्णायक उछाल से 50 रुपये तक की और तेजी आ सकती है। शॉर्ट टर्म में अपेक्षित ट्रेडिंग रेंज 44 रुपये और 50 रुपये के बीच रहेगी। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च और एल्गो के उपाध्यक्ष कुणाल वी पारार के मताबिक साप्ताहिक समयसीमा पर 44-46 रुपये की सीमा में एक मजबूत समर्थन क्षेत्र मौजूद है, जो संभावित उछाल की संभावना को और मजबूत करता है। एक्सपर्ट ने कहा कि हम शेयर के 50-54 रुपये के क्षेत्र की ओर अनुकूल उछाल की उम्मीद करते हैं, जिसमें 44 रुपये पर सख्त स्टॉप-लॉस लगाया गया है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में सुजलॉन एनर्जी का नेट प्रॉफिट लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 445 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से राजस्व बढ़ने के कारण यह वृद्धि हुई है। 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए मुनाफा 388 करोड़ रुपये था। सुजलॉन का परिचालन राजस्व बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,969 करोड़ रुपये था। कंपनी की बात करें तो इसकी 17 देशों में लगभग 21.5 गीगावाट विंड एनर्जी कैपिसिटी स्थापित है। भारत के पुणे स्थित सुजलॉन वन अर्थ में मुख्यालय वाले इस समूह में सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियां शामिल हैं।




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