इस छोटे शेयर ने ₹2.86 करोड़ को बना दिया ₹100 करोड़, प्रमोटर को दिया 3390% का मल्टीबैगर रिटर्न
Multibagger Stock: सही समय पर किया गया निवेश कैसे बड़ी दौलत बना सकता है, इसका उदाहरण है मोनोलिथिक इंडिया के शेयर। प्रमोटर प्रभात टेकरीवाल ने कंपनी में ₹13.75 प्रति शेयर के रेट से 20 लाख से ज्यादा शेयर खरीदकर निवेश किया था। आज शेयर का भाव ₹490 के आसपास पहुंच गया है।

Multibagger Stock: मोनोलिथिक इंडिया के प्रमोटर प्रभात टेकरीवाल ने यह सोचा नहीं होगा कि उनका प्री-आईपीओ निवेश मल्टीबैगर रिटर्न की कहानी बन चुका है। इसमें उनका करीब ₹2.86 करोड़ का शुरुआती निवेश आज बढ़कर लगभग ₹100 करोड़ तक पहुंच गया है। यानी इस निवेश ने 3,390% का जबरदस्त रिटर्न दिया है।
कैसे बना 100 करोड़ का पोर्टफोलियो
प्रभात टेकरीवाल ने कंपनी में 20 लाख से ज्यादा शेयर खरीदकर निवेश किया था। उनकी औसत लागत सिर्फ ₹13.75 प्रति शेयर रही। आज के समय में यही शेयर करीब ₹490 के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, टेकरीवाल की हिस्सेदारी 12.99% से घटकर 9.89% रह गई है, लेकिन वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है।
क्या करती है मोनोलिथिक इंडिया कंपनी?
2018 में स्थापित मोनोलिथिक इंडिया मिनरल सेक्टर की कंपनी है, जो रैमिंग मास बनाती है। यह प्रोडक्ट स्टील इंडस्ट्री में इंडक्शन फर्नेस के लिए बेहद जरूरी होता है। कंपनी का दावा है कि वह देश के 80% से ज्यादा सेकेंडरी स्टील प्लांट्स को सप्लाई करती है, जिससे इसकी इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ दिखती है।
इस छोटे से शेयर का सफर: IPO से अब तक
कंपनी का शेयर लिस्टिंग के बाद से ही निवेशकों को शानदार रिटर्न दे चुका है। इसका IPO ₹135–₹143 के प्राइस बैंड में आया था और ₹231.55 पर लिस्ट हुआ, यानी शुरुआत में ही 62% प्रीमियम मिला। इसके बाद शेयर ₹607.40 के ऑल-टाइम हाई तक गया और फिलहाल करीब ₹490 पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, हाई से करीब 21% का करेक्शन भी दिखा है।
क्या अब भी है खरीदारी का मौका?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्टॉक ने हाल ही में ₹400 के नीचे से अच्छी रिकवरी दिखाई है। RSI में सुधार दिख रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि खरीदार वापस आ रहे हैं, लेकिन बड़ी तस्वीर अभी पूरी तरह बुलिश नहीं मानी जा रही। ₹480–₹500 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस है। अगर शेयर इस स्तर के ऊपर टिकता है, तभी नई तेजी की उम्मीद रखें।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति
इस स्टॉक ने कम समय में शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन अब वैल्यूएशन महंगे माने जा रहे हैं। साथ ही प्रमोटर की हिस्सेदारी में कमी भी सतर्क रहने का संकेत देती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और केवल कन्फर्म ब्रेकआउट के बाद ही नई एंट्री पर विचार करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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