Silver imports face stricter rules as government mandates DGFT approval, check all details चांदी खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर! सरकार ने लागू कर दिए नए नियम, भारत में रिकॉर्ड आयात के बाद बड़ा फैसला, Business Hindi News - Hindustan
More

चांदी खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर! सरकार ने लागू कर दिए नए नियम, भारत में रिकॉर्ड आयात के बाद बड़ा फैसला

सरकार ने चांदी के नियमों को और सख्त करते हुए 99.9% शुद्धता वाली चांदी, पाउडर, ग्रेन और अन्य रूपों के आयात को रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया है। अब RBI-नामित एजेंसियों, DGFT-अनुमोदित संस्थाओं और IIBX के जरिए आयात करने वाले ज्वैलर्स को भी DGFT से वैध आयात अनुमति लेनी होगी। 

Tue, 2 June 2026 11:14 PMSarveshwar Pathak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
चांदी खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर! सरकार ने लागू कर दिए नए नियम, भारत में रिकॉर्ड आयात के बाद बड़ा फैसला

भारत में चांदी की बढ़ती आयात लागत और रिकॉर्ड स्तर पर हो रहे आयात को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब चांदी के आयात पर पहले से ज्यादा सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने चांदी के कई उत्पादों को रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया है, जिसका मतलब है कि अब आयातकों को चांदी मंगाने से पहले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) से विशेष अनुमति यानी इंपोर्ट ऑथराइजेशन (Import Authorisation) लेना अनिवार्य होगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:2.52 रुपये से 100 के पार शेयर, कंपनी ने 2 बार बांटे शेयर, अब ₹400 करोड़ का MoU

सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन कारोबारियों, ज्वैलर्स और एजेंसियों पर पड़ेगा, जो विदेशों से बड़ी मात्रा में चांदी आयात करते हैं। नए नियमों के तहत 99.9% या उससे अधिक शुद्धता वाली चांदी, चाहे वह पाउडर, ग्रेन (दाने), सेमी-मैन्युफैक्चर्ड फॉर्म या अन्य रूप में हो, उसे आयात करने के लिए अब DGFT की मंजूरी जरूरी होगी। यह नियम उन सभी आयात चैनलों पर लागू होगा, जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), DGFT या IIBX (India International Bullion Exchange) के जरिए अनुमति मिली हुई है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से भारत में चांदी के आयात में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने रिकॉर्ड 12 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) की चांदी आयात की, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा केवल 4.8 अरब डॉलर था, यानी एक साल में चांदी के आयात में करीब 150% की वृद्धि हुई। अप्रैल 2026 में भी चांदी का आयात सालाना आधार पर 157% बढ़कर 411 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

एक्सपर्ट का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में चांदी का आयात देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर दबाव बढ़ा सकता है। यही वजह है कि सरकार लगातार सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं के आयात को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। हाल ही में सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। अब DGFT अनुमति की अनिवार्यता को उसी रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:10000% से ज्यादा चढ़ गया यह मल्टीबैगर शेयर, दो दिग्गजों का है कंपनी पर बड़ा दांव
ये भी पढ़ें:अभी की कीमत से 45% तक बढ़ेगा इरेडा का शेयर? ब्रोकरेज ने कहा- मुनाफे के लिए खरीदो

भारत में चांदी की मांग केवल आभूषण उद्योग तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से आयात में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। भारत मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगडम (UK) और चीन से चांदी आयात करता है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों के बाद चांदी आयात करने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो सकती है और कुछ समय के लिए सप्लाई पर असर भी पड़ सकता है। इससे घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, सरकार का मानना है कि यह कदम अनावश्यक आयात को नियंत्रित करने और विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ग्रे मार्केट में दहाड़ रहा यह शेयर, 68 गुना से ज्यादा दांव, अभी बचा है मौका

चांदी के आयात पर DGFT की मंजूरी अनिवार्य होने से अब कारोबारियों को अधिक नियमों का पालन करना होगा। आने वाले महीनों में इसका असर चांदी के व्यापार, कीमतों और ज्वैलरी उद्योग पर देखने को मिल सकता है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,