सोने पर टैक्स बढ़ते ही रॉकेट बने ये गोल्ड स्टॉक्स, 11% तक उछले इन 3 कंपनियों के शेयर; आपका है दांव?
सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 15% किए जाने के बाद घरेलू बाजार में गोल्ड प्राइस में जोरदार तेजी आई है, जिसका सीधा फायदा गोल्ड लोन कंपनियों को मिला है। यही वजह है कि IIFL, मुथूट और मणप्पुरम के शेयर 4% से 11% तक उछल गए हैं।

भारत सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर 15% करने के फैसले ने न केवल सर्राफा बाजार, बल्कि शेयर बाजार में भी हलचल मचा दी है। जहां एक तरफ सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ गोल्ड लोन (Gold Loan) देने वाली कंपनियों के शेयरों में बुधवार को 11% तक की भारी तेजी देखी गई। मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और IIFL फाइनेंस जैसे दिग्गजों के लिए यह फैसला एक वरदान साबित हो रहा है। आइए इसको जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
क्यों भाग रहे गोल्ड लोन कंपनियों के शेयर?
सोने की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा फायदा उन कंपनियों को मिलता है, जो सोने के बदले कर्ज देती हैं। इसे समझने के लिए कोलेटरल वैल्यू (Collateral Value) का गणित समझना जरूरी है।
गिरवी रखे सोने की कीमत बढ़ना:- जब बाजार में सोने के दाम बढ़ते हैं, तो बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के पास ग्राहकों द्वारा पहले से गिरवी रखे गए सोने की वैल्यू भी बढ़ जाती है। इससे कंपनियों का जोखिम कम हो जाता है।
ज्यादा लोन की सुविधा:- सोने की प्रति ग्राम वैल्यू बढ़ने से ग्राहक अब उसी गहने पर पहले के मुकाबले ज्यादा लोन ले सकेंगे। इससे कर्ज लेने की मांग (Lending Demand) बढ़ती है, जिससे इन कंपनियों का बिजनेस और मुनाफा दोनों बढ़ता है।
सुरक्षित कर्ज:- सोना महंगा होने पर ग्राहक अपना लोन चुकाने में ज्यादा तत्पर रहते हैं, ताकि उनका कीमती सोना कंपनी के पास जब्त न हो जाए।
बाजार का हाल: MCX पर सोने में रिकॉर्ड उछाल
सरकार के इस फैसले के बाद घरेलू बाजार में MCX गोल्ड फ्यूचर्स (जून एक्सपायरी) में ₹11,055 या 7% से अधिक की भारी बढ़त देखी गई और कीमतें ₹1,64,497 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अगस्त और अक्टूबर की एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी 6% से ज्यादा की तेजी रही।
शेयरों में किसने मारी बाजी?
IIFL Finance:- इसके शेयरों में लगभग 11% का सबसे बड़ा उछाल देखा गया और यह ₹493.20 के स्तर पर पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी को ₹476 करोड़ का टैक्स नोटिस मिलने के बावजूद निवेशकों का भरोसा कम नहीं हुआ है।
मणप्पुरम फाइनेंस:- मणप्पुरम फाइनेंस कंपनी के शेयरों में करीब 5% की मजबूती दर्ज की गई है।
मुथूट फाइनेंस:- मुथूट फाइनेंस के शेयर भी 4% से ज्यादा बढ़कर कारोबार कर रहे थे।
सरकार और PM मोदी का दृष्टिकोण
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक संबोधन के दौरान नागरिकों से अपील की थी कि वे अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीद कम करें। सरकार का लक्ष्य गैर-जरूरी आयात को कम करना, रुपये की गिरावट को रोकना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करना है।
जानकारों का मानना है कि भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। ऊंचे आयात शुल्क से भले ही नई ज्वेलरी की डिमांड थोड़ी कम हो, लेकिन गोल्ड फाइनेंसिंग सेक्टर के लिए यह एक गोल्डन पीरियड की शुरुआत हो सकती है। बढ़ती कीमतों ने गोल्ड लोन कंपनियों की बैलेंस शीट को मजबूत कर दिया है।




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