52 हफ्ते के हाई पर दिग्गज शेयर, ₹13 के करीब भाव, एक साथ कंपनी के कई बड़े अपडेट
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो बुधवार को यह 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया। एक महीने में ये शेयर 30% और चार महीनों में 50% से अधिक बढ़ गए हैं।

टेलीकॉम सेक्टर की चर्चित कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयरों में बुधवार को जबरदस्त उछाल आया है। शेयर में तेजी की वजह कंपनी से जुड़ी कुछ पॉजिटिव खबरें हैं। आइए डिटेल जान लेते हैं। इसके साथ ही शेयर को लेकर एक्सपर्ट की राय भी जानेंगे।
क्या है डिटेल?
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने मंगलवार, 12 मई को बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंजों को सूचित किया है कि उसका बोर्ड शनिवार, 16 मई को फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए बैठक करेगा। फंड जुटाने का काम इक्विटी शेयरों और/या वारंट्स को तरजीही आधार पर जारी करके किया जाएगा।
शेयर का परफॉर्मेंस
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो बुधवार को यह 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया। इंट्रा-डे में शेयर 11.89 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 12.95 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। एक महीने में ये शेयर 30% और चार महीनों में 50% से अधिक बढ़ गए हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
SBI सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड सनी अग्रवाल ने कहा कि DoT द्वारा एडजस्ट ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR बकाया में 27% की कटौती और पेमेंट स्ट्रक्चर में मिली बड़ी राहत के अलावा कंपनी की बैलेंस शीट और कैश फ्लो के नजरिए से एक अच्छा संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि इससे वोडाफोन आइडिया को कर्ज के रूप में अतिरिक्त पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, कुमार मंगलम बिड़ला की चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति भी बाजार के माहौल के लिए सकारात्मक है।
एनालिस्ट के अनुसार वोडाफोन-आइडिया अब ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है और अपने अस्तित्व को लेकर जो संदेह था, उस कहानी को पीछे छोड़ रहा है। अग्रवाल ने कहा कि निवेशक वोडाफोन-आइडिया में मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए से निवेश कर सकते हैं। जो निवेशक रिस्क नहीं लेना चाहते, वे इसके बजाय भारती एयरटेल में बने रह सकते हैं। कंपनी के शेयर की कीमत पर तकनीकी नजरिए से देखें तो आनंद राठी स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस. पटेल ने बताया कि हाल के सत्रों में कंपनी के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है।
उन्होंने कहा कि इस स्टॉक में पहले ही काफी तेजी आ चुकी है, इसलिए मौजूदा स्तरों पर नए सिरे से आक्रामक खरीदारी के लिए रिस्क-रिवॉर्ड उतना फायदेमंद नहीं लग रहा है। इसलिए, जिन ट्रेडर्स ने लॉन्ग पोजिशन ले रखी है, वे ऊंचे स्तरों पर आंशिक प्रॉफिट बुकिंग करने के बारे में सोच सकते हैं और नए सिरे से एंट्री करने से पहले या तो कंसोलिडेशन का या फिर शेयर की कीमत में कुछ सुधार आने का इंतजार कर सकते हैं।
मैनेजमेंट में बदलाव
बता दें कि वोडाफोन आइडिया ने आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का नया गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वह रविंदर टक्कर का स्थान लेंगे। टक्कर ने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन अब वे गैर-कार्यकारी वाइस चेयरमैन के रूप में कुमार मंगलम बिड़ला को सहयोग देते रहेंगे। इसके साथ ही निदेशक मंडल ने रविंदर टक्कर को गैर-कार्यकारी वाइस चेयरमैन के रूप में नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है, जो उसी तिथि से प्रभावी हो गया है।
कंपनी पर भारी कर्ज और एजीआर बकाया को लेकर लंबे समय से वित्तीय दबाव बना हुआ है। वर्ष 2019 में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद कंपनी पर करीब 53,000 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया था, जो बाद में सरकार द्वारा पुनर्मूल्यांकन के बाद संशोधित किया गया। कंपनी लगातार घाटे में चल रही है और नौ माह (दिसंबर 2025 तक) में इसका घाटा 17,418 करोड़ रुपये रहा है, जबकि इसका नेटवर्थ भी नकारात्मक स्तर पर बना हुआ है।




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