ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, सेंसेक्स 150 अंक टूटकर हुआ बंद, निफ्टी भी धड़ाम
Stock Market Today Live 11 June: सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को सेंसेक्स 150.63 अंक टूटकर 73,832.55 अंक पर ठहरा। वहीं, निफ्टी 53.35 अंक के नुकसान से 23,161.60 अंक पर रहा।

Share Market Today Live 11 June : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के अलावा आईटी सेक्टर में बिकवाली से गुरुवार को शेयर बाजार में एक बार फिर से गिरावट दर्ज की गई। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई का सेंसेक्स 150.63 अंक (0.20 प्रतिशत) नीचे 73,832.55 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 53.35 अंक यानी 0.23 प्रतिशत टूटकर 23,161.60 अंक पर रहा। इंट्रा-डे के दौरान सेंसेक्स 875 अंक का भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। यह नीचे 73,519 अंक तक और ऊपर 74,394 अंक तक गया।
12:05 AM: शेयर मार्केट अब तेजी के ट्रैक पर आ गया है। ICICI बैंक में 2.61 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 1.59 प्रतिशत, कोटक बैंक में 1.66 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में 0.67 प्रतिशत की तेजी है। इन शेयरों के बदौलत सेंसेक्स अब 266 अंक ऊपर 74249 पर पहुंच गया है। जबकि, एनएसई का निफ्टी 60 अंक ऊपर 23275 पर पहुंच गया है।
Share Market Today Live 11 June 11:15 AM: शेयर मार्केट रिकवरी मोड में है। ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, कोटक बैंक, रिलायंस, पावर ग्रिड के दम पर सेंसेक्स अब 62 अंक ऊपर 74045 पर पहुंच गया है। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 19 अंक ऊपर 23234 पर पहुंच गया है।
Share Market Today Live 11 June 9:15 AM: ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के चलते घरेलू शेयर मार्केट गिरावट के साथ खुला। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 367 अंकों के नुकसान के साथ 73615 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 110 अंक गंवाकर 23,104 पर खुला।
Stock Market Today Live 11 June 7:50 AM : गिफ्ट निफ्टी करीब 23,169 अंक पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर 23,240.10 से 71.1 अंक नीचे था। इससे संकेत मिल रहा है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज फ्लैट से गिरावट के साथ हो सकती है।
Stock Market Today Live 11 June 7:00 AM : अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। टेक दिग्गज ओरेकल के शेयर ट्रेडिंग ट्रेडिंग के दौरान करीब 10% टूट गए। इसका असर आज घरेलू शेयर मार्केट में देखने को मिल सकता है। सेंसेक्स और निफ्टी की ओपनिंग रेड हो सकती है
एशियाई बाजारों में बिकवाली
ईरान-अमेरिका में तनाव बढ़ने से एशियाई बाजारों में आज गिरावट दर्ज की गई। MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स 0.9% गिरा जबकि, दक्षिण कोरिया का KOSPI 3% टूट गया। जापान का निक्केई 225 भी करीब 2 प्रतिशत लुढ़का है।
वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर मार्केट का प्रमुख सूचकांक डाऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 953 अंक टूटकर 49918 के लेवल पर आ गया। एसएंडपी 500 में 1.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक कंपोजिट भी 1.98 प्रतिशत लुढ़क गया।
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
मार्केट में गिरावट का कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर नए हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल रूट्स में से एक होर्मुज को बंद करने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 2% उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई ब्याज दर की चिंता
बुधवार को जारी आंकड़ों में अमेरिकी महंगाई दर मई में अप्रैल 2023 के बाद सबसे तेज गति से बढ़ी। इससे यह आशंका मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है या फिर एक और दर वृद्धि कर सकता है।
Oracle के नतीजे अच्छे, फिर भी शेयर क्यों गिरे?
सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए। रेवेन्यू19.18 अरब डॉलर (अनुमान 19.10 अरब डॉलर) रहा जबकि, प्रति शेयर आय (EPS) 2.03 डॉलर (अनुमान 1.96 डॉलर) रहा। बेहतर नतीजों के बावजूद निवेशक कंपनी के बड़े फंड जुटाने की योजना से चिंतित दिखे।
Oracle ने बताया कि वह इस साल कर्ज और इक्विटी के जरिए 40 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है, जो उसके पहले के 20 अरब डॉलर के अनुमान से दोगुना है।
कंपनी वित्त वर्ष 2027 में लगभग 70 अरब डॉलर का पूंजीगत निवेश (Capex) करने की तैयारी में है। इस बड़े खर्च को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ गई, जिसके चलते शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में Oracle का शेयर 10.2% गिरकर 201.26 डॉलर पर आ गया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, ऊंचे तेल दाम और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। टेक्नोलॉजी शेयरों और उभरते बाजारों पर इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है।




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