Reliance Industries becomes first Indian firm to cross 10 billion dollar annual profit share in focus मुकेश अंबानी के रिलायंस को ऐतिहासिक सफलता, इस मामले में बनी देश की पहली कंपनी, Business Hindi News - Hindustan
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मुकेश अंबानी के रिलायंस को ऐतिहासिक सफलता, इस मामले में बनी देश की पहली कंपनी

वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का मुनाफा 12.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,971 करोड़ रुपये रहा। रिलायंस के मार्केट कैपिटल की बात करें तो 18 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर है।

Sat, 25 April 2026 06:27 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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मुकेश अंबानी के रिलायंस को ऐतिहासिक सफलता, इस मामले में बनी देश की पहली कंपनी

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। दरअसल, FY26 में रिलायंस ने 95,610 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हासिल किया। रिलायंस पहली भारतीय कंपनी है जिसने 10 बिलियन डॉलर के सालाना मुनाफा के आंकड़े को पार किया है। रिलायंस के आसपास कोई ऐसी कंपनी नहीं है जो इस मामले में टक्कर दे सके। रिलायंस के मार्केट कैपिटल की बात करें तो 18 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर है।

सबसे करीब कौन?

रिलायंस के सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी HDFC बैंक और SBI को उस मुकाम तक पहुंचने के लिए अभी काफी लंबा सफर तय करना है। मार्केट कैपिटलाइजेशन (12.08 लाख करोड़ रुपये) के हिसाब से दूसरी सबसे कीमती कंपनी HDFC बैंक ने FY26 में 8.07 अरब डॉलर (76,026 करोड़ रुपये) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया जबकि पिछले FY में यह 7.51 अरब डॉलर (70,792 करोड़ रुपये) था। इस तरह इसमें सालाना आधार पर 7.4% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, एसबीआई ने अभी अपने जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित नहीं किए हैं लेकिन उसका नौ महीने का मुनाफा 63,656 करोड़ रुपये रहा है।

तिमाही नतीजे का ऐलान

वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का मुनाफा 12.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,971 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में उसका मुनाफा 19,407 करोड़ रुपये था। साथ ही अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के 18,645 करोड़ रुपये के मुकाबले भी यह लाभ कम रहा।

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जंग से बिगड़े हालात

देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस के राजस्व का बड़ा हिस्सा देने वाला तेल से रसायन (ओ2सी) कारोबार पश्चिम एशिया के युद्ध से प्रभावित हुआ। युद्ध से कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई और मालभाड़ा, बीमा एवं ईंधन लागत बढ़ गई। ईंधन निर्यात पर सरकार द्वारा टैक्स दोबारा लगाए जाने से मुनाफे पर और दबाव पड़ा। इसके साथ ही, घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को संभालने के लिए कंपनी को पेट्रोरसायन उत्पादन से कच्चे माल को हटाकर रसोई गैस (एलपीजी) के उत्पादन में लगाना पड़ा।

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रिलायंस के मुनाफे पर असर पड़ने की एक बड़ी वजह पेट्रोल और डीजल की खरीद पर मुनाफे को सीमित करना था। दरअसल, सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों को स्थिर रखने से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए पेट्रोल और डीजल की खरीद पर मुनाफे सीमित कर दिया। प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए रिलायंस ने भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए, जिससे मुनाफा और दबाव में आया। तेल से रसायन (ओ2सी) कारोबार की कमजोरी के कारण टेलीकॉम और रिटेल क्षेत्रों में दोहरे अंक की राजस्व वृद्धि का प्रभाव कम हो गया। टेलीकॉम कारोबार में कस्टमर बेस बढ़ने और प्रति यूजर आय में इजाफे से मुनाफा बढ़ा जबकि रिटेल के हाइपर-लोकल सेग्मेंट में ऑर्डर बुकिंग मजबूत रही।

शेयर का हाल

बीते शुक्रवार को रिलायंस का शेयर 1327 रुपये के स्तर पर था। रिलायंस के शेयर पर अब सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी। बता दें कि कंपनी ने शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद तिमाही नतीजे का ऐलान किया।

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