एक और बैंक पर लगा ताला, RBI ने लाइसेंस को किया रद्द, अब ग्राहकों का क्या होगा?
आरबीआई ने महाराष्ट्र के फलटन स्थित द यशवंत सहकारी बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और आय की संभावनाएं नहीं होने के आधार पर लाइसेंस रद्द कर दिया है। ये बीते 10 दिन में दूसरा ऐसा सहकारी बैंक है जिसके लाइसेंस को रद्द किया गया है।

नियमों के उल्लंघन को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महाराष्ट्र के फलटन स्थित द यशवंत सहकारी बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और आय की संभावनाएं नहीं होने के आधार पर लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने कहा कि यह सहकारी बैंक, बैंकिंग विनियमन अधिनियम के कुछ प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा है और मौजूदा वित्तीय स्थिति में वह अपने जमाकर्ताओं को पूरी राशि लौटाने में सक्षम नहीं है। आरबीआई ने कहा कि यह सहकारी बैंक 19 मई, 2026 को कारोबार बंद होने के साथ ही बैंकिंग गतिविधियां संचालित करना बंद कर देगा।
जमाकर्ताओं को कितनी मिलेगी रकम
इसके साथ ही रिजर्व केंद्रीय बैंक ने महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक से बैंक को बंद करने और परिसमापक नियुक्त करने का अनुरोध किया है। आरबीआई ने कहा कि परिसमापन पर बैंक के जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) के तहत अधिकतम पांच लाख रुपये तक की बीमा राशि मिलेगी। आरबीआई के अनुसार, बैंक के 99.02 प्रतिशत जमाकर्ताओं को उनकी पूरी जमा राशि मिलने की पात्रता है। बता दें कि डीआईसीजीसी 20 अप्रैल, 2026 तक 106.96 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है।
ये बीते 10 दिन में दूसरा ऐसा सहकारी बैंक है जिसके लाइसेंस को रद्द किया गया है। इससे पहले, रिजर्व बैंक ने सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाओं की कमी के कारण रद्द कर दिया। रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के पंजीयक से बैंक को बंद करने का आदेश जारी करने और एक परिसमापक नियुक्त करने के लिए कहा है। प्रत्येक जमाकर्ता डीआईसीजीसी से अपनी जमा राशि पर पांच लाख रुपये तक का जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।
आरबीआई के एक्शन
-हाल ही में आरबीआई ने निगरानी संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इटावा स्थित नगर सहकारी बैंक पर कई अंकुश लगा दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक ग्राहक के लिए निकासी सीमा 10,000 रुपये तय कर दी गई है। ये अंकुश छह महीने तक लागू रहेंगे। इन पाबंदियों के तहत बैंक आरबीआई की पूर्व-लिखित अनुमति के बिना लोन नहीं दे सकेगा, नई जमा स्वीकार नहीं करेगा और न ही कोई पैसे उधार ले सकेगा। बैंक कर्मचारियों के वेतन, किराया और बिजली बिल जैसे आवश्यक मदों पर खर्च कर सकेगा।
-रिजर्व बैंक ने आईआईएफएल फाइनेंस पर नियमों के पालन में कुछ कमियों के लिए 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 'मास्टर डायरेक्शन - भारतीय रिजर्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन)' के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने के लिए लगाया गया है।




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