Rajesh exports share falls 5 percent amid SEBI allegations chairman new statement came राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों को लेकर कोहराम जारी, आज 5% गिरा दाम, चेयरमैन की आई सफाई, Business Hindi News - Hindustan
More

राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों को लेकर कोहराम जारी, आज 5% गिरा दाम, चेयरमैन की आई सफाई

Rajesh Exports Share hit lower circuit: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों के लिए आज भी दिन अच्छा नहीं रहा है। कंपनी के शेयरों में फिर से लोअर सर्किट लगा है। 

Mon, 8 June 2026 02:34 PMTarun Pratap Singh लाइव हिन्दुस्तान
share
राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों को लेकर कोहराम जारी, आज 5% गिरा दाम, चेयरमैन की आई सफाई

Rajesh Exports Share hit lower circuit: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में आज फिर से लोअर सर्किट लगा है। पिछले कुछ दिनों से यह कंपनी चर्चाओं में लगातार है। आज तीसरा कारोबारी दिन है जब राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लोअर सर्किट लगा है। कंपनी के शेयरों में गिरावट का सिलसिला सेबी के आरोप के बाद शुरू हुआ। मार्केट रेगुलेटर के अनुसार कंपनी फंड्स को बिना किसी जानकारी के पर्सनल अकाउंट्स और प्रमोटर से जुड़ी कंपनियों के अकाउंट्स के जरिए ट्रांसफर किया गया है। इसी खबर के बाद शेयर बाजार में राजेश एक्सपोर्ट्स को लेकर कोहराम मचा हुआ है। बता दें, आज सोमवार को कंपनी के शेयरों का दाम 4.98 प्रतिशत की गिरावट के बाद 94.50 रुपये के स्तर पर आ गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोना धड़ाम, चांदी का रेट 250000 रुपये के नीचे आया, चेक करें आज का दाम

राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन ने रविवार को दिया बयान

राजेश एक्सपोर्ट्स ने रविवार को कहा कि वह बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को पहले ही 300 से 400 गीगाबाइट (जीबी) के दस्तावेज सौंप चुका है, लेकिन उसका मानना है कि नियामक सही फाइलों को ढूंढ नहीं पाया है। कंपनी ने कहा कि वह इस मामले को सुलझाने के लिए मांगे गए सभी दस्तावेज 15 दिनों के भीतर फिर से जमा करेगी।

कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन राजेश मेहता ने 'पीटीआई-भाषा' को दिए इंटरव्यू में कहा कि सेबी का तीन जून का अंतरिम आदेश, जिसमें वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के दौरान 15.15 लाख करोड़ रुपये के कथित राजस्व वृद्धि का आरोप लगाया गया है, एक बुनियादी अकाउंटिंग गलती पर आधारित है। उन्होंने कहा कि नियामक ने कंपनी की कर पूर्व आय (EBITDA) को राजस्व मान लिया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:3 महीने में पैसा किया डबल, कंपनी के पास 2400 करोड़ रुपये से अधिक का काम

उन्होंने कहा कि राजेश एक्सपोर्ट्स जैसे बड़े और कम मुनाफे वाले सोने के कारोबार में अगर कोई ग्राहक दो ग्राम सोना 30,000 रुपये में खरीदता है, तो वह 30,000 रुपये ही कंपनी का राजस्व (बिक्री आय) होता है। उस लेन-देन पर 1,000 रुपये का सकल लाभ (ग्रॉस प्रॉफिट) होता है,जबकि शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 500 रुपये होता है। उन्होंने कहा,"सेबी ने 500 रुपये के शुद्ध लाभ पर कोई टिप्पणी नहीं की है,वह इसे स्वीकार करते हैं। लेकिन वह 1,000 रुपये के ईबीआईटीडीए को राजस्व मानकर उसे गलत तरीके से दिखा रहा है।"

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:शेयर बाजार में गिरावट के विपरीत 9% चढ़ा यह इंफ्रा स्टॉक, निवेशक गदगद

प्रमोटर्स के पैसा भेजने के आरोप पर क्या आई सफाई

सेबी के उस आरोप का खंडन करते हुए जिसमें कहा गया था कि कंपनी के फंड बिना पर्याप्त खुलासे के व्यक्तिगत खातों और प्रमोटर्स से जुड़ी संस्थाओं के जरिए भेजे गए। मेहता ने कहा, "ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक भी पैसा किसी भी तरीके से इधर-उधर नहीं किया गया है,और प्रमोटर्स ने एक भी पैसा नहीं लिया है।" तीन जून के अंतरिम आदेश में आगामी कार्यवाही तक मेहता के कंपनी की सिक्योरिटीज को खरीदने,बेचने या उनमें लेनदेन करने पर भी रोक लगा दी गई है। इस पर उन्होंने कहा, "मैं कभी ट्रेडिंग नहीं करता,और अपने पूरे जीवन में मैंने कभी ट्रेडिंग नहीं की है। इसलिए मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।"

(भाषा के इनपुट के साथ)

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,