पड़ोसी देशों में सबसे सस्ता पेट्रोल भारत और डीजल बांग्लादेश में, क्या और बढ़ेंगे दाम
Petrol Diesel Price: भारत में दो हफ्ते के अंदर पेट्रोल-डीजल के दाम चार बार बढ़े तो हाहाकार मच गया। हकीकत यह है कि पड़ोसी देशों के मुकाबले अभी भारत के लोगों को बहुत राहत है। आइए जानें कहां कितना बढ़ा तेल का दाम और भारत राहत देने में कैसे रहा कामयाब…

पाकिस्तान से लेकर श्रीलंका तक भारत के पड़ोसी देशों में सबसे सस्ता पेट्रोल इंडिया में ही है। यही नहीं, आज पूरी दुनिया में पेट्रोल की औसत कीमत 147.90 रुपये लीटर है जबकि, भारत में पेट्रोल की औसत कीमत करीब 108.71 रुपये प्रति लीटर। यानी देखा जाए तो अभी दुनिया के औसत रेट से भारत में पेट्रोल करीब 40 रुपये लीटर सस्ता मिल रहा है।
इसके बाद नंबर बांग्लादेश का है, जहा एक लीटर पेट्रोल की कीमत 109.69 रुपये है। जबकि, भूटान में आज पेट्रोल 109.73 रुपये। चीन में पेट्रोल की कीमत 133.47 रुपये लीटर है। नेपाल में पेट्रोल चीन से भी महंगा हो गया है। अब यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 136.41 रुपये है। श्रीलंका में पेट्रोल के दाम 138.99 रुपये है। पाकिस्ता में पेट्रोल की औसत कीमत 139.41 रुपये लीटर है। भारत के पड़ोसी देशों में सबसे महंगा पेट्रोल म्यांमार में 142.54 रुपये लीटर है।
पड़ोस में सबसे सस्ता डीजल बेच रहा बांग्लादेश
डीजल के मामले में पड़ोसी देशों में बांग्लादेश सबसे सस्ता डीजल बेच रहा है। यहां 1 लीटर डीजल की कीमत 90.10 रुपये है। इसके बाद भारत है, जहां डीजल की औसत कीमत 98.13 रुपये है। वहीं, भूटान में डीजल के दाम 100.77 रुपये और चीन में 119.92 रुपये लीटर है। श्रीलंका में डीजल 135.45 और म्यांमार में 137.88 रुपये लीटर है। पाकिस्तान में डीजल का औसत रेट 139.07 रुपये लीटर है तो नेपाल में 141.34 रुपये।
ईरान युद्ध के दौरान अपने नागरिकों को सबसे अधिक राहत भारत ने दी है
भारत अपने पड़ोसी देशों में एक मात्र ऐसा देश है, जो ईरान युद्ध के दौरान अपने नागरिकों को सबसे अधिक राहत दिया है। इस अवधि में पड़ोसी देशों ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भी पेट्रोल-डीजल के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई। ग्लोबल पेट्रोल प्राइस के आंकड़ों के मुताबिक भारत में युद्ध के दौरान अब तक पेट्रोल के दाम में 7.4 और डीजल में 8.3 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी हुई है।
पड़ोस में लगी है पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अबतक म्यांमार में पेट्रोल की कीमतें 89.1% और डीजल 80.9% तक बढ़ चुकी हैं। इस दौरान पाकिस्तान में पेट्रोल जहां 56.4 प्रतिशत महंगा हुआ है तो डीजल 46.10 प्रतिशत। श्रीलंका में पेट्रोल के रेट 38.20 प्रतिशत और डीजल के दाम 41.8 प्रतिशत बढ़े हैं।
नेपाल में इस अवधि में पेट्रोल के रेट 38.2 प्रतिशत और डीजल के रेट 58.5 प्रतिशत बढ़े हैं। यही नहीं चीन भी युद्ध की तपिश से नहीं बचा। चीन में भी पेट्रोल के दाम 26.2 और डीजल के दाम 28.6 प्रतिशत बढ़ चुके हैं। बंग्लादेश में पेट्रोल 16.7 और डीजल 15 फीसद महंगा हो चुका है।
भारत ने ऐसा कैसे किया
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग केंद्र है। यहां सालाना 258.1 मिलियन टन ईंधन बनता है, जबकि घरेलू ज़रूरत 243.2 मिलियन टन है। साथ ही, 61.5 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पाद दूसरे देशों को निर्यात भी किए जाते हैं। क्रूड ऑयल के दाम पहले के 64-65 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 110 डॉलर पर पहुंचे तो भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने लगा।
ऐसे में जब पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा था तो उस समय भारत में 5 राज्यों में चुनाव के कारण तेल के दाम स्थिर रहे। रेट न बढ़े इसलिए सरकार ने पेट्रोल-डीजल से 10-10 रुपये टैक्स में कटौती कर दी। इससे से पेट्रोलियम कंपनियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन यह उपाय नाकाफी साबित हुए।
चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद अब भी सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस पर करीब 550 करोड़ रुपये प्रतिदिन का घाटा उठा रही हैं।
क्या और बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
जेफरीज की एक रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि अगर कच्चा तेल 90 डॉलर के आसपास बना रहता है तो पेट्रोल और डीजल के दामों में आगे और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम अभी और बढ़ सकते हैं, क्योंकि कच्चा तेल अभी भी 95 डॉलर प्रति बैरल के पार है।
इनपुट: globalpetrolprices.com




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