NSE की 15 जून तक IPO पेपर दाखिल करने की तैयारी, जानें कब हो सकती है लिस्टिंग
NSE IPO Updates: NSE 15 जून तक IPO पेपर दाखिल करने की तैयारी में है। 2026 में संभावित लिस्टिंग, OFS, सेबी मंजूरी, और शेयर होल्डर्स की बैठक की सभी डिटेल्स जानें।

भारत के सबसे बड़ी स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने लंबे समय से इंतजार किए जाने वाले आईपीओ के लिए तारीखों का एक खाका खींच लिया है। कंपनी 15 जून तक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की कोशिश कर रही है, जिससे इसकी लिस्टिंग का रास्ता साफ हो सके।
क्यों अहम है 15 जून की डेडलाइन?
बिजनेस स्टैंडर्ड के सूत्रों के अनुसार, जून के अंत तक IPO पेपर दाखिल करने से NSE को 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के फाइनेंशियल डेटा को आधार बनाने का मौका मिलेगा। ये आंकड़े मंगलवार को जारी किए गए थे। एक बार DRHP सबमिट होने के बाद, सेबी से फाइनल ऑब्जर्वेशन प्रोसेस शुरू होगा, जिसमें आमतौर पर दो से तीन महीने लगते हैं।
NSE ने मीडिया के प्रश्नों के जवाब में कहा, "सेबी द्वारा जारी एनओसी के अनुसार, बोर्ड ने 6 फरवरी 2026 को ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए IPO को मंजूरी दी थी। फिलहाल इस मामले में कोई और टिप्पणी नहीं है।"
मई में होगी शेयरधारकों की अहम बैठक
प्री-फाइलिंग प्रक्रिया के तहत, NSE ने 25 मई को एक असाधारण आम बैठक (EGM) बुलाई है। इस बैठक में कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में संशोधन को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसके लिए शेयरधारकों की सहमति जरूरी है।
पुराने मामलों का निपटारा जारी: एक्सचेंज पुराने रेगुलेटरी मुद्दों को भी सुलझाने में जुटा है। सेबी द्वारा गठित हाई-पावर एडवाइजरी कमेटी की सिफारिश पर कोलोकेशन और डार्क फाइबर मामलों में ₹1,800 करोड़ से अधिक के सेटलमेंट की प्रक्रिया चल रही है।
IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल
यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें मौजूदा निवेशक मांग के अनुसार अपनी हिस्सेदारी का 5% तक बेच सकते हैं। मुख्य शेयर होल्डर्स में टेमासेक, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और क्राइसकैपिटल शामिल हैं, जो अपनी हिस्सेदारी घटा सकते हैं।
कितनी होगी NSE की वैल्यू?
NSE ₹4 से ₹6 लाख करोड़ के वैल्यूएशन की उम्मीद कर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो यह देश की सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो जाएगी। इस भव्य ऑफरिंग के लिए एक्सचेंज ने लगभग 20 मर्चेंट बैंकर्स और 8 लॉ फर्म नियुक्त किए हैं।
मजबूत हुआ बोर्ड: हाल ही में NSE ने अपने बोर्ड को और मजबूत किया है। राजीव वासुदेवा को पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर और दिनेश पंत को LIC की ओर से नॉमिनी डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। साथ ही, एक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए भी रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार है।
गौरतलब है कि NSE ने पहली बार 2016 में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए थे, लेकिन कोलोकेशन मामले में रेगुलेटरी जांच के चलते यह प्रक्रिया रुक गई थी। इस बार एक्सचेंज सभी रुकवटों को दूर करते हुए 2026 में सफल लिस्टिंग के टार्गेट लेकर आगे बढ़ रहा है।




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