दोगुना मुनाफा! अब ₹4,000 करोड़ का IPO ला रही ये गोल्ड लोन कंपनी, निवेशकों को मिलेगा फायदा?
मुथूट फिनकॉर्प ने 4,000 करोड़ रुपये के IPO को मंजूरी दे दी है। इसके साथ कंपनी ने शेयर स्प्लिट, NCD इश्यू और बड़े स्तर पर फंड जुटाने की योजनाओं का भी ऐलान किया है। कंपनी का FY26 नेट प्रॉफिट दोगुने से ज्यादा बढ़कर 1,640 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

गोल्ड लोन (Gold Loan) सेक्टर की दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (Muthoot Fincorp Ltd) शेयर बाजार में कदम रखने की पूरी तैयारी कर चुकी है। शनिवार (16 मई) को हुई कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में ₹4,000 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही बोर्ड ने शेयर स्प्लिट (Share Split) और अन्य माध्यमों से भारी फंड जुटाने के बड़े प्लान को भी हरी झंडी दिखाई है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
क्या है मुथूट फिनकॉर्प के IPO का पूरा प्लान?
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) यानी नए इक्विटी शेयरों पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए करेगी, न कि पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलेंगे। इन शेयरों की फेस वैल्यू अभी ₹10 प्रति शेयर होगी। यह आईपीओ बाजार की स्थितियों और सेबी (SEBI) जैसी नियामक संस्थाओं की मंजूरी के बाद बाजार में दस्तक देगा।
शेयर स्प्लिट (Share Split) को भी मंजूरी
छोटे और रिटेल इंवेस्टर्स (Retail Investors) को लुभाने के लिए बोर्ड ने अपने शेयरों के सब-डिविजन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर को ₹2 फेस वैल्यू वाले 5 इक्विटी शेयरों में बांट दिया जाएगा। शेयर स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य शेयरों की कीमत को कम करना होता है, ताकि आम निवेशक आसानी से इन्हें खरीद सकें और बाजार में लिक्विडिटी बनी रहे।
फंड जुटाने के अन्य बड़े रास्ते
सिर्फ आईपीओ ही नहीं, मुथूट फिनकॉर्प ने अगले एक साल के लिए धन जुटाने का एक विशाल खाका तैयार किया है।
NCDs के जरिए ₹4,000 करोड़:- कंपनी 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 के बीच नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के पब्लिक इश्यू के जरिए ₹4,000 करोड़ जुटाएगी।
प्राइवेट प्लेसमेंट:- बोर्ड ने प्राइवेट प्लेसमेंट, परपेचुअल डेट इंस्ट्रूमेंट्स और सबऑर्डिनेटेड डेट के जरिए अलग से ₹4,000 करोड़ जुटाने को मंजूरी दी है।
कमर्शियल पेपर्स:- कंपनी ने कुल ₹30,000 करोड़ की सीमा के साथ कमर्शियल पेपर्स जारी करने की भी योजना बनाई है, जिसमें किसी भी समय अधिकतम बकाया सीमा ₹10,000 करोड़ होगी।
मुनाफा हुआ दोगुना से भी ज्यादा
मुथूट फिनकॉर्प यह कदम बेहद मजबूत वित्तीय स्थिति के बीच उठा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) रिकॉर्ड स्तर पर बढ़कर ₹1,640 करोड़ पहुंच गया है, जो वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में दर्ज किए गए ₹787 करोड़ के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। सोने की बढ़ती कीमतों के कारण गोल्ड लोन सेक्टर के इस शानदार प्रदर्शन ने कंपनी को आईपीओ लाने का सबसे सही मौका दिया है।
पिछले वित्त वर्ष (FY25) में रिकॉर्ड आईपीओ आने के बाद चालू वित्त वर्ष (FY26) में प्राइमरी मार्केट थोड़ा शांत रहा है। ऐसे में मुथूट फिनकॉर्प का यह ₹4,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू बाजार में नई जान फूंक सकता है। रिटेल निवेशकों के लिए इस बड़े ब्रांड में हिस्सेदारी खरीदने का यह एक शानदार मौका साबित हो सकता है।




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