सोने पर सरकार का एक और बड़ा फैसला, PM मोदी ने नहीं खरीदने को की थी अपील
यह कदम सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के एक दिन बाद उठाया गया है। यह कदम रिकॉर्ड आयात बिल पर लगाम लगाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ड्यूटी-फ्री सोने के आयात के नियम सख्त कर दिए हैं। अब प्रति लाइसेंस 100 किलोग्राम की सीमा तय की गई है। ये नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हैं। यह कदम सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के एक दिन बाद उठाया गया है। यह कदम रिकॉर्ड आयात बिल पर लगाम लगाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
क्या हैं नए नियम
विदेश व्यापार महानिदेशालय(DGFT) ने स्टैंडर्ड इनपुट आउटपुट नॉर्म्स (SIONs) M1 से M8 के तहत पांच नए अनुपालन नियम लागू किए हैं। नए नियमों के तहत अब एडवांस ऑथराइजेशन (AA) स्कीम में एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही ड्यूटी-फ्री आयात किया जा सकेगा। पहली बार आवेदन करने वाले निर्यातकों के लिए अब संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण द्वारा फैक्ट्री का अनिवार्य फिजिकल निरीक्षण किया जाएगा। इसमें यूनिट के अस्तित्व, उत्पादन क्षमता और संचालन की स्थिति की जांच होगी।
वहीं, पुराने आवेदकों के लिए भी नियम बदले हैं और अब एक नई शर्त है। किसी नए गोल्ड इम्पोर्ट ऑथराइजेशन से पहले उन्हें पिछले लाइसेंस के तहत निर्धारित निर्यात दायित्व का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा करना होगा।
इसके अलावा, AA धारकों को हर 15 दिन में स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को देनी होगी, जिसमें सोने के आयात और निर्यात का पूरा विवरण रहेगा। क्षेत्रीय कार्यालयों को भी हर महीने DGFT मुख्यालय को रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि पूरे सिस्टम की केंद्रीकृत निगरानी हो सके।
पीएम मोदी ने की है अपील
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में तनाव के मद्देनजर मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा है कि सरकार लोगों को पश्चिम एशिया संकट के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे। उन्होंने देश के नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा समय का जो संकट है उसे देखते हुए हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर बहुत जोर देना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गोल्ड यानी सोने की खरीद में विदेशी मुद्रा बहुत अधिक खर्च होती है। एक जमाना था जब संकट आता था, कोई युद्ध होता था तो लोग सोना दान दे देते थे। आज दान देने की जरूरत नहीं है, लेकिन देश हित में हमको एक तय करना पड़ेगा कि कोई भी समारोह हो, कोई भी कार्यक्रम हो हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि सोना नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें चुनौती को स्वीकार करते हुए विदेशी मुद्रा को बचाना होगा।




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