अडानी के शेयर पर दिग्गज निवेशक फिदा, अपने पोर्टफोलियो में दी जगह, ₹140 है भाव
चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में अडानी पावर का मुनाफा 15 प्रतिशत से अधिक गिरकर 2,488 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने मुनाफे में इस कमी का मुख्य कारण पिछली अवधि की एकमुश्त आय का कम होना बताया है।

ग्लोबली शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक क्रिस्टोफर वुड ने अपने पोर्टफोलियो में एक बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से जुड़े अपने पोर्टफोलियो में अडानी ग्रुप की कंपनी को शामिल किया है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।
अडानी की किस कंपनी को किया शामिल?
ब्रोकरेज Jefferies में ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी वुड ने गौतम अडानी समूह की कंपनी-अडानी पावर को इंडिया लॉन्ग-ओनली पोर्टफोलियो में शामिल किया है। इसके अलावा, एयरलाइन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर को भी पोर्टफोलियो में जगह दी गई है। वहीं, वुड के पोर्टफोलियो से होम फर्स्ट फाइनेंस कंपनी और Le Travenues टेक्नोलॉजी(इक्सिगो) में अपनी हिस्सेदारी हटाने का फैसला किया है।
इसके अलावा, लेमन ट्री होटल्स की जगह इंडियन होटल्स को शामिल किया गया है। निवेशक क्रिस्टोफर वुड के अपडेटेड मॉडल पोर्टफोलियो में अडानी पावर और इंडिगो को 4-4 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। बता दें कि यह पोर्टफोलियो MSCI इंडिया के बेंचमार्क पर आधारित है और एक साल की अवधि में वैल्यू बढ़ाने के लक्ष्य से तैयार किया गया है।
भारतीय बाजार पर ओवरवेट रुख बरकरार
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय शेयर बाजार उभरते बाजारों के मुकाबले अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि, वुड ने उभरते बाजारों में भारत पर ‘ओवरवेट’ रुख बरकरार रखा है। उनका मानना है कि भारत में नीतिगत सुधार, एआई आधारित निवेश योजनाएं और मजबूत घरेलू पूंजी निर्माण लंबी अवधि में अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल निवेश का नजरिया ‘एब्सोल्यूट’ से ज्यादा ‘रिलेटिव’ अवसरों पर आधारित है और मोदी सरकार के तहत जारी सुधार प्रक्रिया भारत को अन्य उभरते बाजारों की तुलना में बेहतर स्थिति में रखती है।
अडानी पावर के शेयर का हाल
अडानी पावर के शेयर शुक्रवार को गिरावट के साथ 140 रुपये पर बंद हुए। सितंबर 2025 में यह शेयर 182.75 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 94.41 रुपये रहा है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में अडानी पावर का मुनाफा 15 प्रतिशत से अधिक गिरकर 2,488 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने मुनाफे में इस कमी का मुख्य कारण पिछली अवधि की एकमुश्त आय का कम होना बताया है। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल राजस्व 12,717 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 13,434 करोड़ रुपये था। मानसून के जल्दी आने और लंबे समय तक रहने के कारण मांग में आए व्यवधान के बावजूद, कंपनी की बिजली बिक्री की मात्रा 23.6 अरब यूनिट (बीयू) रही। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 23.3 अरब यूनिट था।




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