LPG सप्लाई सामान्य होने में लगेंगे 3-4 साल? सरकार ने बताई अफवाहों की सच्चाई
LPG latest updates: हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि भारत में LPG (रसोई गैस) की सप्लाई सामान्य होने में 3-4 साल लग सकते हैं। लेकिन, अब सरकार ने इन अफवाहों की सच्चाई बताई है।
LPG latest updates: हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि भारत में LPG (रसोई गैस) की सप्लाई सामान्य होने में 3-4 साल लग सकते हैं। लेकिन अब मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने इन अफवाहों को साफ तौर पर गलत और भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने कहा कि यहदेश में अनावश्यक डर और भ्रम फैलाने की कोशिश हैं, जबकि असल स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
सरकार के मुताबिक, आज भारत की LPG सप्लाई सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और सक्षम है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह एक मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन (भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश) का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद लोगों में घबराहट पैदा करना है। इसलिए आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
असल स्थिति यह है कि भारत ने अपनी LPG सप्लाई को लेकर काफी बड़े और मजबूत कदम उठाए हैं। देश अब केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे कई देशों से LPG आयात कर रहा है। करीब 800 हजार मीट्रिक टन (TMT) LPG के आयात पहले ही सुनिश्चित कर लिए गए हैं और यह सप्लाई रास्ते में है।
साथ ही सरकार ने 9 मार्च 2026 को LPG कंट्रोल ऑर्डर लागू किया, जिसके तहत देश की रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद घरेलू उत्पादन में लगभग 40% की बढ़ोतरी हुई है और अब रोजाना करीब 50 TMT LPG का उत्पादन हो रहा है, जबकि कुल जरूरत लगभग 80 TMT है।
सरकार ने कहा कि ग्राउंड लेवल पर भी स्थिति पूरी तरह सामान्य है। मार्च महीने में रोजाना औसतन 50 लाख गैस सिलेंडर की डिलीवरी हुई और देश के किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस खत्म होने (dry-out) की कोई घटना सामने नहीं आई। बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक का समय भी पहले जैसा 5–6 दिन ही बना हुआ है।
मंत्रालय ने बताया कि अलावा पिछले 10 सालों में LPG इंफ्रास्ट्रक्चर में जबरदस्त विस्तार हुआ है। गैस कनेक्शन की संख्या 14.5 करोड़ से बढ़कर 33 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है, जबकि डिस्ट्रीब्यूटर्स की संख्या भी लगभग दोगुनी हो गई है।
कीमतों में ₹60 तक की बढ़ोतरी
इस संकट का सीधा असर कीमतों पर भी दिख रहा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में ₹60 तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर ₹115 तक महंगे हो चुके हैं। बढ़ती लागत का असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों पर भी पड़ रहा है, साथ ही सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह स्थिर है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना सबसे जरूरी है।




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