LPG Crisis Oil Companies can supply only 10 Kg LPG in Cylinders Know details सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस दे सकती हैं कंपनियां, LPG किल्लत के बीच कंपनियों का मास्टर प्लान, Business Hindi News - Hindustan
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सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस दे सकती हैं कंपनियां, LPG किल्लत के बीच कंपनियों का मास्टर प्लान

सरकारी कंपनियां घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम LPG की सप्लाई करने पर विचार कर रही हैं। ईरान वॉर के बीच घरेलू इनवेंटरी में कमी और आयात में गिरावट आई है।

Mon, 23 March 2026 11:21 AMVishnu Soni लाइव हिन्दुस्तान
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सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस दे सकती हैं कंपनियां, LPG किल्लत के बीच कंपनियों का मास्टर प्लान

ईरान वॉर के चलते घरेलू मार्केट में LPG की किल्लत देखने को मिल रही है। LPG के संकट से निपटने के लिए सरकारी तेल कंपनियां एक मास्टर प्लान पर विचार कर रही हैं। सरकारी कंपनियां घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम LPG की सप्लाई करने पर विचार कर रही हैं। इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स के मुताबिक, ईरान वॉर के बीच घरेलू इनवेंटरी में कमी और इंपोर्ट में गिरावट आई है। यह बात इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही गई है।

इस प्लान का क्या है मकसद?
एक एग्जिक्यूटिव ने बताया कि इस कदम का मकसद यथासंभव ज्यादा से ज्यादा घरों में गैस की सप्लाई बनाए रखते हुए LPG को संरक्षित रखना है। कंपनियों के अनुमान के मुताबिक, 14.2 किलोग्राम वाला एक स्टैंडर्ड LPG सिलेंडर औसतन घरों में 35-40 दिन तक चलता है। ऐसे में अगर सिलेंडर में 10 किलोग्राम गैस भरी जाती है तो यह एक घर में आसानी से करीब एक महीने चल सकता है। इससे उपलब्ध वॉल्यूम संकट के दौरान ज्यादा व्यापक रूप से साझा किया जा सकता है।

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अगर अमल में आया यह प्लान तो सिलेंडर्स में होगा नया स्टीकर
एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियां अगर इस प्लान को अमल में लाती हैं तो LPG सिलेंडर्स में नया स्टीकर लगा होगा, जिसमें सिलेंडर में भरी कम गैस के साथ उसी अनुपात में कीमत कटौती का जिक्र होगा। बॉटलिंग प्लांट्स को नाप-तौल से जुड़े अपने सिस्टम को रिकैलिब्रेट करना होगा। साथ ही, कुछ रेगुलेटरी मंजूरियों की भी जरूरत होगी। सरकारी तेल कंपनियों को फिक्र है कि LPG की मात्रा में अचानक कटौती से कंफ्यूजन, विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रिया हो सकता है, क्योंकि कई राज्यों में चुनाव करीब हैं। हालांकि, एग्जिक्यूटिव्स ने चेताया है कि अगले महीने सप्लाई कंडीशंस खराब हो सकती हैं, जिससे विकल्प सीमित रह जाएंगे। LPG की उपलब्धता सीमित हो रही है।

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अपनी LPG जरूरत का 60% आयात करना है भारत
कोई भी नया शिपमेंट्स खाड़ी देशों से भारत के रास्ते में नहीं है। केवल 2 करियर्स कंबाइंड 92,700 टन ला रहे हैं। भारत का रोजाना का LPG यूज 93,500 टन का है, जिसका 86% या 80,400 टन घरों में इस्तेमाल होता है। मार्च के शुरुआती 15 दिन में ओवरऑल खपत 17 पर्सेंट घटी है। भारत अपनी जरूरत का 60 पर्सेंट ही आयात करता है, इस इंपोर्ट में खाड़ी देशों की हिस्सेदारी 90 पर्सेंट है। पिछले दिनों ही घरेलू LPG सिलेंडर्स के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे दिल्ली में LPG सिलेंडर बढ़कर 913 रुपये पर पहुंच गया है।

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