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Gold Rate Crash: ₹7000 से ज्यादा सस्ता हो गया सोना, आज ₹13000 से ज्यादा गिर गए चांदी के दाम

Gold Price Today Crash: युद्ध और महंगाई के दबाव में सोना 1983 के बाद सबसे ज्यादा गिरा। जानिए गिरावट की वजह, आगे क्या होगा और निवेशकों के लिए क्या है रणनीति।

Mon, 23 March 2026 09:17 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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Gold Rate Crash: ₹7000 से ज्यादा सस्ता हो गया सोना, आज ₹13000 से ज्यादा गिर गए चांदी के दाम

मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाला सोना इस बार निवेशकों को राहत देने के बजाय दबाव में आ गया है और यह इस साल की अपनी लगभग पूरी बढ़त गंवाने की कगार पर पहुंच गया है। ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक हालिया कारोबार में सोने की कीमत करीब 3.8% टूटकर 4,320 डॉलर प्रति औंस तक आ गई, जो पिछले साल के स्तर के आसपास पहुंच चुकी है। लगातार आठ सत्रों से जारी गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है और यह 1983 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है।

आज क्या हैं सोने-चांदी के भाव

घरेलू मोर्चे पर, वैश्विक बाजारों में कमजोरी को देखते हुए एमसीएक्स पर चांदी की कीमतें 6% या 13,606 रुपये की गिरावट के साथ 2,13,166 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गईं, जबकि एमसीएक्स पर सोना भी लगभग 5% या 7,115 रुपये फिसलकर 1,37,377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

सिंगापुर बाजार में स्पॉट गोल्ड 3.3% गिरकर 4,343 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी भी 3.4% टूटकर 65.61 डॉलर पर आ गई। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे साफ है कि पूरे कीमती धातु बाजार पर दबाव बना हुआ है।

क्यों गिर रहा है सोना?

सोने में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। फेडरल रिजर्व समेत कई केंद्रीय बैंकों ने संकेत दिया है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती जल्द संभव नहीं है।

मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई का खतरा और गहरा गया है। ऐसे माहौल में ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ जाती है, जो सोने के लिए नकारात्मक है क्योंकि यह कोई ब्याज नहीं देता।

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मजबूरी में बिकवाली ने बढ़ाया दबाव

बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण “forced selling” यानी मजबूरी में की गई बिकवाली भी है। जब शेयर बाजार और अन्य एसेट क्लास में नुकसान होता है, तो निवेशक अपने घाटे की भरपाई के लिए सोना बेचते हैं। 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद यही ट्रेंड देखने को मिला है, जिससे सोने पर लगातार दबाव बना हुआ है।

ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी अनिश्चितता

ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए होर्मुज खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। इस टकराव से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका असर सोने की कीमतों पर भी साफ दिख रहा है।

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तकनीकी संकेत: क्या अब आएगा उछाल?

विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट के बाद अब सोना “ओवरसोल्ड” जोन में पहुंच गया है।14-दिवसीय RSI इंडिकेटर 30 से नीचे आ चुका है, जिसे आमतौर पर बाजार में ज्यादा बिकवाली का संकेत माना जाता है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में कीमतों में उछाल की संभावना बन सकती है, हालांकि यह पूरी तरह भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा।

आगे क्या करें निवेशक?

विश्लेषकों के मुताबिक, अभी बाजार में अनिश्चितता बहुत ज्यादा है। अगर युद्ध और तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो सोने में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, गिरावट के बाद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह धीरे-धीरे खरीदारी का मौका भी बन सकता है।

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