LIC को इनकम टैक्स विभाग ने भेजा डिमांड ऑर्डर, अपील की तैयारी में बीमा कंपनी
बीमा कंपनी ने बताया कि इनकम टैक्स विभाग की असेसमेंट यूनिट से मिले इस मैसेज में ₹6,146.71 करोड़ के इनकम टैक्स और ₹953.25 करोड़ के ब्याज की मांग की गई है। बीमा कंपनी ने कहा कि इस ऑर्डर का वित्तीय असर, डिमांड में बताए गए इनकम टैक्स और ब्याज की रकम तक ही सीमित है।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को इनकम टैक्स विभाग से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए टैक्स और ब्याज सहित एक डिमांड ऑर्डर मिला है। बीमा कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है। बीमा कंपनी ने बताया कि इनकम टैक्स विभाग की असेसमेंट यूनिट से मिले इस मैसेज में ₹6,146.71 करोड़ के इनकम टैक्स और ₹953.25 करोड़ के ब्याज की मांग की गई है। LIC ने कहा कि इस ऑर्डर के खिलाफ इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील्स) के सामने अपील की जा सकती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के जरिए इस असेसमेंट को चुनौती देने का इरादा रखता है।
बीमा कंपनी ने कहा कि इस ऑर्डर का वित्तीय असर, डिमांड में बताए गए इनकम टैक्स और ब्याज की रकम तक ही सीमित है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि कॉर्पोरेशन के कामकाज या दूसरी गतिविधियों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। LIC ने यह भी बताया कि इस जानकारी को स्टॉक एक्सचेंज के साथ साझा कर दिया गया है और कॉर्पोरेशन की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया गया है।
क्या है मांग?
टैक्स की यह मांग असेसमेंट प्रक्रिया के दौरान टैक्स अथॉरिटी द्वारा पहचानी गई कई अस्वीकृतियों और जोड़-घटाव के कारण पैदा हुई है। इनमें अंतरिम बोनस को आय के रूप में जोड़ना, जीवन सुरक्षा फंड से हुए नुकसान को आय के रूप में जोड़ना और नेगेटिव रिजर्व को आय के रूप में जोड़ना शामिल है। टैक्स विभाग ने सेक्शन 80M के तहत दावा की गई कटौतियों को भी अस्वीकृत कर दिया है और TDS को देर से जमा करने से संबंधित ब्याज को भी अस्वीकृत कर दिया है।
शेयर का परफॉर्मेंस
सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को NSE पर LIC के शेयर ₹779.60 पर बंद हुए, जो ₹20.90 या 2.75% की बढ़त थी। वहीं, क्लोजिंग प्राइस ₹781.10 दर्ज किया गया, जो ₹22.40 या 2.95% की बढ़त थी। बता दें कि गुरुवार को राम नवमी के कारण बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी।
एलआईसी के दिसंबर तिमाही के नतीजे
सार्वजनिक क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी एलआईसी ने फरवरी में दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे। इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा 17 प्रतिशत बढ़कर 12,958 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 11,056 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। दिसंबर तिमाही के दौरान, बीमा कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,25,613 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में 1,06,891 करोड़ रुपये थी।
कुल आय भी दिसंबर तिमाही में बढ़कर 2,33,984 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,01,994 करोड़ रुपये थी। एलआईसी का नये कारोबार से प्रीमियम चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 10,605 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7,285 करोड़ रुपये था।




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