Jio से लेकर Flipkart तक, क्या युद्ध की वजह से लटक जाएंगे ₹70000 करोड़ के IPO
IPO News: शेयर बाजार की खराब स्थिति का असर प्राइमरी मार्केट पर भी पड़ा है। जियो प्लेटफॉर्म्स, फ्लिपकार्ट इंटरनेट, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसी कंपनियों को आईपीओ इस साल आने वाले हैं। सभी बड़ी और चर्चित कंपनियां मिलाकर 70,000 करोड़ रुपये जुटाती हुई नजर आने वाली हैं।

IPO News: शेयर बाजार की खराब स्थिति का असर प्राइमरी मार्केट पर भी पड़ा है। जियो प्लेटफॉर्म्स, फ्लिपकार्ट इंटरनेट, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसी कंपनियों को आईपीओ इस साल आने वाले हैं। सभी बड़ी और चर्चित कंपनियां मिलाकर 70,000 करोड़ रुपये जुटाती हुई नजर आने वाली हैं। लेकिन ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से अब इन कंपनियों के आईपीओ में देरी की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है। बता दें, इस साल प्राइमरी मार्केट में थोड़ी सुस्ती सी भी देखी जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार इस साल की पहली तिमाही में कुल 16000 करोड़ रुपये का आईपीओ है। एक साल पहले इसी पीरियड में 19000 करोड़ रुपये का आईपीओ आया था।
इस साल लिस्टिंग भी कमजोर हुई है। अबतक आए 9 मेनबोर्ड आईपीओ में से 7 मेनबोर्ड आईपीओ की निगेटिव लिस्टिंग हुई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार ईरान के साथ जारी युध्द, वैश्विक बाजार में हलचल ने कंपनियों पर आईपीओ की टाइमलाइन को फिर से सोचने का दबाव बनाया है। उदाहरण के तौर पर PhonePe को देख सकते हैं। फोनेपे ने आईपीओ के प्लान को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार निवेशक आईपीओ के वैल्यूएशन को भी कम करने का दबाव बना रहे हैं।
Jio IPO का क्या?
टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स भी आईपीओ की तैयारी में जुटी है। कंपनी कई बैंकों के साथ संभावित आईपीओ की चर्चा कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का आईपीओ 170 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर आ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो कम से कम 2.5 प्रतिशत के पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियम के अनुसार आईपीओ ऑफर फार सेल के जरिए 40,000 करोड़ रुपये के करीब जुटा सकती है।
एक और कंपनी फ्लिपकार्ट की खूब चर्चा हो रही है। इस ई-कॉमर्स कंपनी का वैल्यूएशन 2024 में 37 बिलियन डॉलर था। इसी वैल्यूएशन पर तब अल्फाबेट ने इन्वेस्ट किया था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के निवेश वाले एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ के जरिए 1.2 बिलियन डॉलर जुटा सकता है। आईपीओ की कतार में जेप्टो भी है।
हालांकि, मौजूदा मार्केट सेंटीमेंट अगर लम्बे समय तक रहता है तो Phonepe की तरह अन्य दिग्गज कंपनियां भी आईपीओ को लॉन्च करने की टाइमलाइन पर फिर से विचार कर सकती हैं।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)




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