ईरान का बड़े LNG प्लांट पर अटैक, नए संकट की आशंका के बीच रॉकेट बने 3 शेयर
ईरान की इजराइल और अमेरिका के बीच जंग में ताजा एक्शन ने ऊर्जा संकट को बढ़ा दिया है। सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को स्टोव क्राफ्ट, TTK Prestige और बटरफ्लाइ गांधीमथी अप्लायंस के शेयरों में 9% तक की तेजी दर्ज की गई।

ईरान की इजराइल और अमेरिका के बीच जंग में ताजा एक्शन ने ऊर्जा संकट को बढ़ा दिया है। दरअसल, ईरान ने कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र सहित पड़ोसी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे वहां की LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) फैसलिटीज को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इस खबर की वजह से भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया और सेंसेक्स 2000 अंक तक टूटा लेकिन इस माहौल के बीच भी कुछ शेयर रॉकेट की तरह बढ़ने दिखे।
कौन-कौन से शेयर में उछाल
सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को स्टोव क्राफ्ट, TTK Prestige और बटरफ्लाइ गांधीमथी अप्लायंस के शेयरों में 9% तक की तेजी दर्ज की गई। TTK Prestige के शेयर करीब 5 पर्सेंट उछाल के साथ 500 रुपये तक पहुंच गए। वहीं, स्टोव क्राफ्ट के शेयर में 6 पर्सेंट तक उछाल आया और भाव 525 रुपये पर पहुंचा। इसके अलावा, बटरफ्लाइ के शेयर में 15 पर्सेंट तक की तेजी आई और यह 674.20 रुपये तक पहुंच गया। बता दें कि इन कंपनियों के उत्पाद, खासतौर पर इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है। यही वजह है कि शेयर भी डिमांड में हैं।
ईरान का बड़ा हमला
इजराइल द्वारा बुधवार रात ईरान के एक महत्वपूर्ण गैस केंद्र 'साउथ पार्स गैस फील्ड' पर हमला करने पर जवाबी हमले में ईरान ने कतर में एक प्रमुख एलएनजी फैसलिटीज पर अटैक किया। ईरान के जवाबी हमला करने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की चेतावनी दी कि अगर कतर पर दोबारा हमला हुआ तो वे उसका पूरा गैस फील्ड को उड़ा देंगे जो ईरान ने कभी सोचा नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका को इस हमले का पता नहीं था, न उन्हें इसका अंदाजा था कि ऐसा कुछ होने वाला है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। मगर यह भी जोड़ा कि ईरान का कतर की एलएनजी गैस सुविधा के एक हिस्से पर हमला अनुचित और अन्यायपूर्ण था।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर Strait of Hormuz पर पड़ा है, जहां से दुनिया की करीब 20% तेल और गैस सप्लाई गुजरती है। इस मार्ग के बाधित होने से वैश्विक स्तर पर 7 से 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन उत्पादन प्रभावित होने का अनुमान है।
भारत पर इसका सीधा असर पड़ा है क्योंकि देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है। सरकार के तमाम दावों के बाद भी अलग-अलग हिस्सों में एलपीजी संकट देखने को मिल रहा है। इसी संकट के चलते इंडक्शन कुकटॉप की मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।




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