घाटे से मुनाफे में आया चर्चित बैंक, मैनेजमेंट में भी बदलाव, अब फोकस में रहेंगे शेयर
तिमाही के दौरान बैंक घाटे से मुनाफे में आया है। बैंक के मुनाफे की बात करें तो 594 करोड़ रुपये रहा। इस बीच, बैंक के मैनेजमेंट में भी बड़े बदलाव हुए हैं। तिमाही नतीजों के बाद अब सोमवार को इंडसइंड बैंक के शेयर फोकस में रहने वाले हैं।

IndusInd bank result: प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही के दौरान बैंक घाटे से मुनाफे में आया है। बैंक के मुनाफे की बात करें तो 594 करोड़ रुपये रहा। इससे पहले बैंक को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 2,329 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। बैंक ने FY26 के लिए प्रति शेयर 1.5 रुपये का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है। बैंक ने बताया कि डिविडेंड पाने के हकदार सदस्यों की पात्रता तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 26 जून, 2026 होगी। इस बीच, बैंक के मैनेजमेंट में भी बड़े बदलाव हुए हैं।
क्या हुए हैं बदलाव?
इंडसइंड बैंक के चीफ कम्प्लायंस ऑफिसर सचिन पाटांगे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उनका आखिरी कामकाजी दिन 29 अप्रैल, 2026 होगा। पाटांगे अप्रैल 2023 में बैंक में शामिल हुए थे। वह भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुपालन की देखरेख के लिए जिम्मेदा थे, जिसमें रिस्क बेस्ड सुपरविजन (RBS) के ऑडिट अनुपालन शामिल थे। बैंक ने सुनील कुमार सिंह को सचिन की जगह नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 30 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी और इसका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। बैंक ने निलेश शिवजी विकमसे और फ्लिपकार्ट के पूर्व CTO रविंद्र बाबू गरिकिपाटी को भी लगातार चार वर्षों की अवधि के लिए गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशकों की श्रेणी में अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। विकमसे इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में निप्पॉन लाइफ इंडिया ट्रस्टी लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले, वे फेडरल बैंक के चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
तिमाही नतीजे की डिटेल
तिमाही में बैंक के लोन में लगभग 8.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि पूरे बैंकिंग उद्योग में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक ने बताया कि वह वित्त वर्ष 2026-27 में लोन ग्रोथ के मामले में उद्योग के समान स्तर पर पहुंचने का लक्ष्य रखता है। इंडसइंड बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव आनंद ने कहा कि पिछले समय में डेरिवेटिव कारोबार में हुए नुकसान और अन्य समस्याओं को अब दूर कर लिया गया है। अब बैंक आगे बढ़ने और कारोबार को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। आनंद ने कहा कि हम वित्त वर्ष 2026-27 में विकास की मानसिकता की ओर बढ़ेंगे।
फोकस में रहेंगे शेयर
तिमाही नतीजों के बाद अब सोमवार को इंडसइंड बैंक के शेयर फोकस में रहने वाले हैं। एनएसई पर शुक्रवार को शेयर की क्लोजिंग रेड जोन में हुई। यह शेयर 1.50% तक टूटकर 848 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।




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