India US Trade Deal interim pact meeting date changed reports भारत-अमेरिका ट्रेड डील: अंतरिम फैसले वाली तारीखों में हुआ बदलाव - रिपोर्ट, Business Hindi News - Hindustan
More

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: अंतरिम फैसले वाली तारीखों में हुआ बदलाव - रिपोर्ट

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन में अपने मुख्य वार्ताकारों की प्रस्तावित बैठक को नए सिरे से तय करने का फैसला किया है।

Sun, 22 Feb 2026 01:06 PMTarun Pratap Singh लाइव हिन्दुस्तान
share
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: अंतरिम फैसले वाली तारीखों में हुआ बदलाव - रिपोर्ट

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन में अपने मुख्य वार्ताकारों की प्रस्तावित बैठक को नए सिरे से तय करने का फैसला किया है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। भारतीय दल 23 फरवरी से तीन दिन की बैठक शुरू करने वाला था। कॉमर्स मिनिस्ट्री में ज्वाइंट सेक्रेटरी दर्पण जैन इस समझौते के लिए भारत के लिए मुख्य वार्ताकार हैं।

एक सूत्र ने कहा, “भारत-अमेरिका व्यापार करार के लिए भारतीय वार्ताकारों की अमेरिका यात्रा के संदर्भ में दोनों पक्षों का मानना है कि अब यह बैठक तब होनी चाहिए जबकि दोनों पक्ष ताजा घटनाक्रमों और उसके प्रभाव का आकलन कर लें। इसके लिए दोनों पक्षों को समय चाहिए। अब इस बैठक की तारीख दोनों पक्षों की सुविधा के हिसाब से नए सिरे से तय की जाएगी।”

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:1 शेयर पर 3 शेयर बोनस दे रही है कंपनी, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

ट्रंप ने 15% किया टैरिफ

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले के बड़े टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो जाता है। ट्रंप ने शुक्रवार को भारत समेत सभी देशों पर 24 फरवरी से 150 दिन के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। हालांकि, शनिवार को उन्होंने टैरिफ बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को बताया गैरकानूनी

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनके आर्थिक एजेंडा को एक बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी शीर्ष अदालत ने उनके द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्कों को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक अधिकार कानून (आईईईपीए) का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है। बता दें, अमेरिका ने अगस्त, 2025 में भारत पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाया था। बाद में, रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया। इससे भारत पर कुल शुल्क दर 50 प्रतिशत हो गई थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अशीष कचोलिया ने अपने पोर्टफोलियो में जोड़ा यह स्टॉक, 1.23% हिस्सा खरीदा

इस महीने हुई थी अमेरिका और भारत की डील

भारत और अमेरिका इस महीने की शुरुआत में एक अंतरिम व्यापार करार को अंतिम रूप देने के लिए रूपरेखा पर सहमत हुए। इसके तहत अमेरिका शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। साथ ही रूस से तेल खरीद के लिए लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त शुल्क को भी हटाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फिर से इन शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया है। अगर यह शुल्क अधिसूचित होता है, तो यह अमेरिका में मौजूदा एमएफएन या आयात शुल्क के अलावा होगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी उत्पाद पर पांच प्रतिशत एमएफएन शुल्क लगता है, तो 15 प्रतिशत और जोड़कर यह 20 प्रतिशत हो जाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:9 कंपनियों के IPO इस हफ्ते हो रहे हैं ओपन, दांव लगाने के लिए रहिए तैयार

हालांकि, इस बारे में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है कि 150 दिन के समय के बाद भारत जैसे देशों पर अमेरिकी शुल्क क्या होगा। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत और आयात में 6.22 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2024-25 में, दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर था।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,