India s economy brisk but inflation raises inflation concerns PMI hits 59 3 in February भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी, लेकिन महंगाई ने बढ़ाई चिंता, फरवरी में 59.3 पर पहुंचा PMI, Business Hindi News - Hindustan
More

भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी, लेकिन महंगाई ने बढ़ाई चिंता, फरवरी में 59.3 पर पहुंचा PMI

PMI: एसएंडपी ग्लोबल द्वारा कलेक्ट किए गए एचएसबीसी के फ्लैश इंडिया कंपोजिट पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार, फरवरी में यह इंडेक्स बढ़कर 59.3 पर पहुंच गया, जो जनवरी में 58.4 था। यह पिछले तीन महीनों में सबसे मजबूत स्तर है और रॉयटर्स के पोल में 59.0 के अनुमान से भी अधिक है।

Fri, 20 Feb 2026 01:48 PMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
share
भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी, लेकिन महंगाई ने बढ़ाई चिंता, फरवरी में 59.3 पर पहुंचा PMI

भारत के प्राइवेट सेक्टर की ग्रोथ फरवरी के महीने में तेज हो गई है। इसकी मुख्य वजह मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सामानों की जबरदस्त मांग रही, जबकि सेवाओं यानी सर्विसेज का प्रदर्शन भी लगभग स्थिर बना हुआ है। हालांकि, एक सर्वे में यह भी संकेत मिला है कि महंगाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।

फरवरी में पीएमआई 59.3 पर, तीन महीने के हाई पर

एसएंडपी ग्लोबल द्वारा इकट्ठा किए गए एचएसबीसी के फ्लैश इंडिया कंपोजिट पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार, फरवरी में यह इंडेक्स बढ़कर 59.3 पर पहुंच गया, जो जनवरी में 58.4 था। यह पिछले तीन महीनों में सबसे मजबूत स्तर है और रॉयटर्स के पोल में 59.0 के अनुमान से भी अधिक है। बता दें कि 50 का आंकड़ा ग्रोथ और गिरावट के बीच की रेखा है।

नवंबर के बाद सबसे तेज रही नए ऑर्डर की रफ्तार

इस सुधार को नए ऑर्डर्स में जोरदार बढ़त का सपोर्ट मिला, जो नवंबर के बाद सबसे तेज गति से बढ़े हैं। कंपनियों ने इस बढ़त का श्रेय मजबूत मांग, स्थानीय पर्यटन और मार्केटिंग प्रयासों को दिया है। निर्यात में भी पिछले पांच महीनों की सबसे तेज दर से इजाफा हुआ है, जिससे समग्र मांग को और बल मिला है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोने के रेट में बदलाव, देखें दिल्ली से पटना तक ताजा भाव

मैन्युफैक्चरिंग का शानदार प्रदर्शन, सर्विस सेक्टर में हल्की नरमी

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला, जिससे उत्पादन में चार महीने की हाइएस्ट रेट से ग्रोथ हुई। वहीं, सर्विस सेक्टर की कंपनियों को नए कारोबार की रफ्तार में 13 महीने के निचले स्तर पर आने का सामना करना पड़ा, हालांकि निर्यात ऑर्डर के मामले में वे मैन्युफैक्चरर से बेहतर बनी रहीं। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई का शुरुआती आंकड़ा 55.4 से बढ़कर 57.5 पर पहुंच गया, जबकि सर्विसेज पीएमआई जनवरी के 58.5 के मुकाबले फरवरी में 58.4 पर लगभग स्थिर रहा।

रोजगार के मौके बढ़े, कारोबारी उम्मीदें मजबूत: बेहतर बिक्री के चलते कंपनियों ने तेज गति से नियुक्तियां की हैं। साथ ही, आने वाले साल को लेकर बिजनेस सेंटीमेंट में भी सुधार हुआ है और यह एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:चांदी के भाव में तेजी, चेक करें दिल्ली, पटना, लखनऊ समेत इन शहरों के लेटेस्ट रेट

महंगाई का बढ़ता दबाव, आरबीआई की मुश्किलें बढ़ीं

सर्वे में महंगाई को लेकर भी चिंताजनक संकेत मिले हैं। इनपुट लागत (कच्चे माल की कीमत) 15 महीनों की सबसे तेज दर से बढ़ी है, जिससे कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतों (आउटपुट चार्ज) में छह महीने के उच्चतम स्तर तक बढ़ोतरी की है। सर्विस सेक्टर की कंपनियों पर इनपुट लागत का सबसे ज्यादा दबाव रहा, जो ढाई साल में अपने सबसे तेज स्तर पर पहुंच गया। वहीं, फैक्ट्री इनपुट महंगाई जनवरी के स्तर पर स्थिर रही।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:PPF vs NPS: कहां इनवेस्टमेंट करना रहेगा फायदेमंद, जानें एक्सपर्ट की राय

ठोस वृद्धि और बढ़ती लागत (खासकर सेवाओं में) का यह मेल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले महीने खुदरा महंगाई 2.75 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जब सांख्यिकी मंत्रालय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार वर्ष और बास्केट को अपडेट किया था। रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक, केंद्रीय बैंक से इस साल अपनी प्रमुख नीतिगत दर (रेपो रेट) 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने की उम्मीद है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,