LPG सिलेंडर बुकिंग का आया है मैसेज तो असली और फेक DAC की पहचान जरूर कर लें, वरना…
HP Gas, Indane और भारत गैस ने एलपीजी सिलेंडर की सुरक्षित डिलीवरी के लिए DAC को लेकर अपडेट जारी की हैं। आइए देखें कि असली और फेक DAC की पहचान कैसे करें?

स्ट्रेट ऑफ हुर्मूज में रुकावटें एलपीजी सप्लाई पर भारी पड़ रही हैं। घरेलू सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भले ही कंपनियों के दावे कुछ भी हों, लेकिन हकीकत यह है कि युद्ध के पहले जैसे हालात नहीं है। सिलेंडर की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक कई नियम बदल चुके हैं। अब हर डिलीवरी के लिए DAC ( डिलीवरी ऑथंटिकेशन कोड) बताना जरूरी है। यह छह या 4 अंकों का कोड सिलेंडर बेचने वाली कंपनियां जारी करती हैं, जिसे डिलीवरी ब्वॉय को बताना पड़ता है।
अब डीएसी को कोड साइबर फ्रॉडों के लिए एक नया हथियार बन गया है। डीएसी कोड के नाम पर ये ठग एलपीजी उपभोक्ता के नंबर पर एक मैसेज भेजते हैं, जिसमें 4 या छह अंकों ओटीपी की तरह डीएसी कोड होता है। मैसेज भेजने के बाद उन्हें वह कोड पूछ रहे हैं। अगर आप जल्दीबाजी में हैं और यह नहीं समझ पाए कि डीएसी कोड असली है या नकली, तो आप अपनी सारी जमा पूंजी गंवा सकते हैं।
इंडेन के असली मैसेज को ऐसे पहचानें
आइए जानें कि कैसे असली और फेक DAC कोड को कैसे पहचानें? इसको लेकर पिछले दिनों इंडियन ऑयल की तरफ से एक अलर्ट जारी किया गया था। इसमें कहा गया कि अगर सिलेंडर बुक कराए हैं तो यह देखें कि मैसेज किसी आधिकारिक सेंडर ID (जैसे VK-INDANE, VM-INDANE आदि) से आया हैं कि नहीं।
इसके बाद यह देखें कि मैसेज में बुकिंग या इनवायस नंबर दिया गया है या नहीं और 6 अंकों का DAC Code है और इसे केवल डिलीवरी बॉय को शेयर करने की बात कही गई है या नहीं।
अंत में इंडेन का नाम है या नहीं। DAC/OTP केवल तब शेयर करें जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर पहुंच जाए। उससे पहले कभी साझा न करें।
HP Gas के लिए कैसे करें असली मैसेज की पहचान
एचपीसीएल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अलर्ट जारी किया था। इसमें लिखा है कि स्कैमर्स LPG डिलीवरी के नाम पर फर्जी मैसेज भेज सकते हैं, लेकिन असली HP Gas मैसेज की पहचान जानकर आप सुरक्षित रह सकते हैं। कंपनी ने अगाह किया कि DAC को साझा करने से पहले हमेशा जांच करें।
- मैसेज “VM-HPGASc-S” से आया हो। उसमें 4 अंकों का OTP हो, जिसे केवल सिलेंडर डिलीवरी के समय ही इस्तेमाल किया जाए।
- ध्यान रखें, एचपी गैस के कर्मचारी या डिलीवरी एजेंट कभी भी फोन कॉल, WhatsApp या किसी संदिग्ध लिंक के जरिए OTP नहीं मांगते।
- अगर मैसेज जल्दबाजी करने को कहे, अजीब लगे या किसी अलग फॉर्मेट में हो, तो उस पर भरोसा बिल्कुल न करें। इसी तरह की अपील भारत गैस ने भी की है।
बता दें एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब 100 पर्सेंट DAC कोड के जरिए होने लगी है। इससे एक भी सिलेंडर किसी अनाधिकृत व्यक्ति को नहीं मिल पा रहा। यह पहल LPG सिलेंडर के डिस्ट्रीब्यूशन और सही उपभोक्ता तक उसकी पहुंच के लिए यह बेहद सुरक्षित है।




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